{"_id":"615caa8e8ebc3e57891e5770","slug":"protest-kathua-news-jmu2451611100","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिल माफ और मुआवजे की मांग पर चौथे दिन भी अड़े रहे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिल माफ और मुआवजे की मांग पर चौथे दिन भी अड़े रहे किसान
विज्ञापन
मढ़ीन में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे किसान, संवाद।
- फोटो : KATHUA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हीरानगर। किसानों के बिजली बिल माफ करने और जल्द मुआवजा देने की मांग को लेकर मढ़ीन में धरना मंगलवार को भी जारी रहा। किसानों ने साफ तौर पर कहा है कि अगर उनकी मांगें मंजूर नहीं की गईं तो यह धरना इसी तरह जारी रहेगा।
किसान नेता शिवदेव सिंह ने कहा कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों को विद्युत विभाग की ओर से भेजे गए बिल परेशान कर रहे हैं। साथ जुटते राज्य पंजाब में नए मुख्यमंत्री ने पदभार संभालते ही किसानों के बिजली बिल माफ किए हैं। लेकिन, यहां बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे देने की बजाय किसानों पर बिजली बिल भरने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उनके लिए मोटे बिल भरना आसान नहीं है। उनके आर्थिक हालात ऐसे हैं कि वह घर का गुजर बसर बेहद मुश्किल से कर रहे हैं। 2014 और 2019 में बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे के लिए किसान कई बार संघर्ष कर चुके हैं, लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया। प्रदर्शन में धर्मपाल कुंडल, सरदार चरनप्रीत सिंह, राकेश चौधरी, आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसान नेता शिवदेव सिंह ने कहा कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों को विद्युत विभाग की ओर से भेजे गए बिल परेशान कर रहे हैं। साथ जुटते राज्य पंजाब में नए मुख्यमंत्री ने पदभार संभालते ही किसानों के बिजली बिल माफ किए हैं। लेकिन, यहां बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे देने की बजाय किसानों पर बिजली बिल भरने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उनके लिए मोटे बिल भरना आसान नहीं है। उनके आर्थिक हालात ऐसे हैं कि वह घर का गुजर बसर बेहद मुश्किल से कर रहे हैं। 2014 और 2019 में बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे के लिए किसान कई बार संघर्ष कर चुके हैं, लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया। प्रदर्शन में धर्मपाल कुंडल, सरदार चरनप्रीत सिंह, राकेश चौधरी, आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन