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आउटरीच कार्यक्रम सिर्फ समय और पैसों की बर्बादी: बसपा
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पत्रकारों से बात करते बसपा प्रदेश अध्यक्ष सोमराज मजोत्रा, संवाद।
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। लोगों की समस्याओं और क्षेत्रीय विकास को लेकर प्रदेश में होने वाले जनता दरबारों को बहुजन समाज पार्टी ने समय और पैसे की बर्बादी बताया है। साथ ही कहा है कि इनके माध्यम से केंद्र सरकार उद्यमियों का प्रचार करती है।
मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान नगरी ब्लॉक से जिला विकास परिषद सदस्य संदीप मजोत्रा ने कहा कि जनता दरबार के लिए केंद्र से भेजे गए 70 मंत्री सिर्फ यहां घूमने आए हैं। इनके आगमन पर जिस तरह के कार्यक्रम होते हैं, उनमें न तो आम लोगों से किसी तरह का संवाद होता है, और न ही पंचायत प्रतिनिधियों से मंत्री किसी समस्या या विकास के बारे में बात करते हैं। वह सिर्फ अपनी बात कहकर कार्यक्रम से चले जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इन मंत्रियों के कार्यक्रमों में मंचों पर सिर्फ सत्ताधारी पार्टी के नेता ही बैठे होते हैं। बात भी उन्हीं की सुनी जाती है। बैक टू विलेज कार्यक्रमों का ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कोई फायदा नहीं हुआ है। अब इन जनता दरबारों का भी यही नतीजा आना है। इनका उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान तलाशना नहीं, बल्कि उनकी आंखों में धूल झोंकना है।
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वहीं, बसपा प्रदेश अध्यक्ष सोमराज मजोत्रा ने कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र पूरी तरह से खत्म हो चुका है। यहां मंत्री सिर्फ सरकारी खर्च पर पिकनिक मनाने के लिए आ रहे हैं। मंत्री के साथ आने वाले उनके परिवार व अन्य सदस्यों की संख्या इतनी ज्यादा होती है, कि कई बार अधिकारियों को उनके प्रोटोकॉल पूरे करने में ही सारा दिन लगे रहना होता है। जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से यहां समस्याओं का समाधान होने के बजाय लोगों की मुश्किलें बढ़ाई गई हैं। क्योंकि, सरकार लोगों को लूटने में लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर विपक्ष अपनी किसी मांग को लेकर किसी अधिकारी के पास ज्ञापन लेकर जाता है तो उसे कचरे में डाल दिया जाता है। अगर आने वाले दिनों में लोग और विपक्षी दल साथ नहीं आए तो सरकार के हिटलर शाही फैसले यहां के लोगों को और ज्यादा प्रभावित करेंगे।
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मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान नगरी ब्लॉक से जिला विकास परिषद सदस्य संदीप मजोत्रा ने कहा कि जनता दरबार के लिए केंद्र से भेजे गए 70 मंत्री सिर्फ यहां घूमने आए हैं। इनके आगमन पर जिस तरह के कार्यक्रम होते हैं, उनमें न तो आम लोगों से किसी तरह का संवाद होता है, और न ही पंचायत प्रतिनिधियों से मंत्री किसी समस्या या विकास के बारे में बात करते हैं। वह सिर्फ अपनी बात कहकर कार्यक्रम से चले जाते हैं।
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उन्होंने कहा कि इन मंत्रियों के कार्यक्रमों में मंचों पर सिर्फ सत्ताधारी पार्टी के नेता ही बैठे होते हैं। बात भी उन्हीं की सुनी जाती है। बैक टू विलेज कार्यक्रमों का ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कोई फायदा नहीं हुआ है। अब इन जनता दरबारों का भी यही नतीजा आना है। इनका उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान तलाशना नहीं, बल्कि उनकी आंखों में धूल झोंकना है।
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वहीं, बसपा प्रदेश अध्यक्ष सोमराज मजोत्रा ने कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र पूरी तरह से खत्म हो चुका है। यहां मंत्री सिर्फ सरकारी खर्च पर पिकनिक मनाने के लिए आ रहे हैं। मंत्री के साथ आने वाले उनके परिवार व अन्य सदस्यों की संख्या इतनी ज्यादा होती है, कि कई बार अधिकारियों को उनके प्रोटोकॉल पूरे करने में ही सारा दिन लगे रहना होता है। जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से यहां समस्याओं का समाधान होने के बजाय लोगों की मुश्किलें बढ़ाई गई हैं। क्योंकि, सरकार लोगों को लूटने में लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर विपक्ष अपनी किसी मांग को लेकर किसी अधिकारी के पास ज्ञापन लेकर जाता है तो उसे कचरे में डाल दिया जाता है। अगर आने वाले दिनों में लोग और विपक्षी दल साथ नहीं आए तो सरकार के हिटलर शाही फैसले यहां के लोगों को और ज्यादा प्रभावित करेंगे।