{"_id":"614e27dd8ebc3e4afc368e03","slug":"press-conference-kathua-news-jmu2443652112","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठेकेदारों से आयुक्त द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार की कठुआ कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने की निंदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठेकेदारों से आयुक्त द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार की कठुआ कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने की निंदा
विज्ञापन
ठेकेदारों की समस्या की जानकारी देते कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन के सदस्य, संवाद।
- फोटो : KATHUA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। अपना भुगतान लेने श्रीनगर स्थित आयुक्त कार्यालय पहुंचे डोडा के ठेकेदारों से आयुक्त ने कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। इसकी कठुआ कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने कड़ी निंदा की है।
शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में एसोसिएशन के साहिब सिंह ने कहा कि विभिन्न विभागों के विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाने वाले ठेकेदारों के प्रति सरकार और प्रशासन का रवैया बिगड़ता जा रहा है। वर्तमान में विभिन्न विभागों ने इस प्रक्रिया को इतना जटिल बना दिया है कि कई बार काम कराने के बाद इसके भुगतान के लिए की जाने वाली दस्तावेजी कार्रवाई में कमियां रह जाती हैं। जिसके कारण सालों साल ठेकेदारों को अपने भुगतान के लिए दरबदर होना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि ठेकेदारों की स्थिति ऐसी व्यवस्था के चलते आर्थिक रूप से खराब होती जा रही है। क्योंकि, काम पूरा करने के लिए कई बार ठेकेदारों को बैंकों से बड़ा कर्ज भी लेना पड़ता है। उसका समय से भुगतान न होने पर ठेकेदारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों को भुगतान की प्रक्रिया को सरल बनाने और अपने रवैये में सुधार लाने की जरूरत है।
विज्ञापन
इस मौके पर पुरुषोत्तम सिंह ने कहा कि ठेकेदार बनने के लिए किसी भी शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं होती। लेकिन, अधिकारी बनने के लिए होती है। यदि वही शिक्षित अधिकारी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें उलझाएं, तो इससे सरकार और शासन की छवि खराब होती है। डोडा के ठेकेदारों के साथ हुए व्यवहार की आज कठुआ के ठेकेदार निंदा कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस तरह का माहौल पूरे जम्मू कश्मीर में बनेगा। लिहाजा, सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करे, और ठेकेदारों की समस्याओं का निदान करे।
विज्ञापन
शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में एसोसिएशन के साहिब सिंह ने कहा कि विभिन्न विभागों के विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाने वाले ठेकेदारों के प्रति सरकार और प्रशासन का रवैया बिगड़ता जा रहा है। वर्तमान में विभिन्न विभागों ने इस प्रक्रिया को इतना जटिल बना दिया है कि कई बार काम कराने के बाद इसके भुगतान के लिए की जाने वाली दस्तावेजी कार्रवाई में कमियां रह जाती हैं। जिसके कारण सालों साल ठेकेदारों को अपने भुगतान के लिए दरबदर होना पड़ता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ठेकेदारों की स्थिति ऐसी व्यवस्था के चलते आर्थिक रूप से खराब होती जा रही है। क्योंकि, काम पूरा करने के लिए कई बार ठेकेदारों को बैंकों से बड़ा कर्ज भी लेना पड़ता है। उसका समय से भुगतान न होने पर ठेकेदारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों को भुगतान की प्रक्रिया को सरल बनाने और अपने रवैये में सुधार लाने की जरूरत है।
विज्ञापन
इस मौके पर पुरुषोत्तम सिंह ने कहा कि ठेकेदार बनने के लिए किसी भी शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं होती। लेकिन, अधिकारी बनने के लिए होती है। यदि वही शिक्षित अधिकारी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें उलझाएं, तो इससे सरकार और शासन की छवि खराब होती है। डोडा के ठेकेदारों के साथ हुए व्यवहार की आज कठुआ के ठेकेदार निंदा कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस तरह का माहौल पूरे जम्मू कश्मीर में बनेगा। लिहाजा, सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करे, और ठेकेदारों की समस्याओं का निदान करे।