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गृहमंत्री से पहाड़ी इलाकों में रेल लाइन की मांग
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कठुआ/महानपुर। महानपुर के डांबरा में तैयार होने वाली हाई सिक्योरिटी जेल की साइट का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार शाम जायजा लिया। गृहमंत्री शाम करीब पांच बजे प्रस्तावित स्थल पर पहुंचे। जहां डीजी कारागार ने उन्हें हाई सिक्योरिटी जेल के लिए प्रस्ताव और योजना पर विस्तृत जानकारी दी। लगभग पंद्रह मिनट रुकने के बाद गृहमंत्री महानपुर से लौट गए।
इससे पहले डांबरा में पहुंचने पर गृहमंत्री का डीडीसी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यों और बीडीसी चेयरपर्सन सहित डांबरा के सरपंच ने उनका स्वागत किया। मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री के समक्ष बसोहली, बिलावर को जिले का दर्जा दिए जाने और जिले के पहाड़ी इलाकों को रेलवे लाइन से जोड़े जाने की मांग रखी गई। उधर, केंद्रीय गृहमंत्री के दौरे से पहले जिले में सुरक्षा के सख्त इंतजाम सुनिश्चित किए गए थे। भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे जिले में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर पुलिस की तैनाती एक दिन पहले ही सुनिश्चित कर दी गई थी। इलाके की घेराबंदी इस कदर थी कि सुरक्षा घेरे के आसपास भी किसी को फटकने नहीं दिया जा रहा था।
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डांबरा के लोगों को आवागमन में हुई परेशानी
महानपुर। महानपुर-बिलावर सड़क पर पड़ने वाले डांबरा मोड़ पर ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। जिसके चलते डांबरा पंचायत के लोगों को सुरक्षा एजेंसियों ने अपने घरों को जाने वाले लोगों को नहीं जाने दिया। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को मजबूर होकर दूसरे विकल्प मार्ग से अपने घरों जाना पड़ा। इतना ही नहीं डांबरा पंचायत से महानपुर, बिलावर, कठुआ जाने वाले लोगों को भी अनुमति नहीं दी गई। लोगों का कहना था कि कम से कम पंचायत डांबरा के लोगों को अनुमति देनी चाहिए थी।
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यहां तक पत्रकारों को भी अनुमति नहीं थी। वहीं तहसील महानपुर के लोगों को उम्मीद थी कि गृहमंत्री अमित शाह के पहली बार दौरे के दौरान लोगों को अपनी समस्याओं और इलाके की बेहतरी के के लिए एक बड़ा कार्यक्रम किया जाएगा। जिसमें अपने इलाके की समस्याओं को रख पाएंगे, लेकिन ऐसा न होने पर लोगों को निराशा हाथ लगी। भाजपा के गिनेचुने कार्यकर्ताओं को ही मिलने का अवसर मिला।
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इससे पहले डांबरा में पहुंचने पर गृहमंत्री का डीडीसी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यों और बीडीसी चेयरपर्सन सहित डांबरा के सरपंच ने उनका स्वागत किया। मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री के समक्ष बसोहली, बिलावर को जिले का दर्जा दिए जाने और जिले के पहाड़ी इलाकों को रेलवे लाइन से जोड़े जाने की मांग रखी गई। उधर, केंद्रीय गृहमंत्री के दौरे से पहले जिले में सुरक्षा के सख्त इंतजाम सुनिश्चित किए गए थे। भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे जिले में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर पुलिस की तैनाती एक दिन पहले ही सुनिश्चित कर दी गई थी। इलाके की घेराबंदी इस कदर थी कि सुरक्षा घेरे के आसपास भी किसी को फटकने नहीं दिया जा रहा था।
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डांबरा के लोगों को आवागमन में हुई परेशानी
महानपुर। महानपुर-बिलावर सड़क पर पड़ने वाले डांबरा मोड़ पर ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। जिसके चलते डांबरा पंचायत के लोगों को सुरक्षा एजेंसियों ने अपने घरों को जाने वाले लोगों को नहीं जाने दिया। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को मजबूर होकर दूसरे विकल्प मार्ग से अपने घरों जाना पड़ा। इतना ही नहीं डांबरा पंचायत से महानपुर, बिलावर, कठुआ जाने वाले लोगों को भी अनुमति नहीं दी गई। लोगों का कहना था कि कम से कम पंचायत डांबरा के लोगों को अनुमति देनी चाहिए थी।
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यहां तक पत्रकारों को भी अनुमति नहीं थी। वहीं तहसील महानपुर के लोगों को उम्मीद थी कि गृहमंत्री अमित शाह के पहली बार दौरे के दौरान लोगों को अपनी समस्याओं और इलाके की बेहतरी के के लिए एक बड़ा कार्यक्रम किया जाएगा। जिसमें अपने इलाके की समस्याओं को रख पाएंगे, लेकिन ऐसा न होने पर लोगों को निराशा हाथ लगी। भाजपा के गिनेचुने कार्यकर्ताओं को ही मिलने का अवसर मिला।