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Kathua News: पिछले साल हुई तबाही से लिया होता सबक तो अब ऐसे न होते हालात
Mon, 10 Jul 2023 01:40 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 10 Jul 2023 01:40 AM IST
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- उज्ज दरिया ने फिर दिखाया रौद्र रूप, लोगों में प्रशासन के प्रति रोष
- 20 वर्षों बाद हरिया चक और मुकंदपुर की ओर हुआ दरिया का रुख
हीरानगर। उज्ज दरिया अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। दरिया के किनारे सटे गांवों के लोगों में प्रशासन के प्रति भारी रोष है। लोगों का कहना है कि पिछले साल बाढ़ से हुई तबाही से अगर प्रशासन ने सबक लिया होता तो इस बार नए गांव इसके निशाने पर न होते।
लोगों का कहना है कि पिछले साल बाढ़ से चक छिब्बा और रंदवाल इलाके में हुई तबाही के बाद से लगातार दरिया किनारे तटबंध बनाने की मांग कर रहे हैं। मगर इसके लिए प्रशासन ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाए हैं। लोगों ने बताया कि करीब 20 साल बाद हरिया चक और मुकंदपुर की ओर दरिया ने अपना रुख किया है।
चक छिब्बा के सरपंच सतपाल भगत ने कहा कि पिछले साल दरिया में आई बाढ़ से खंदवाल में कई घरों को नुकसान हुआ। कई दिन तक आस-पड़ोस के घरों और रिश्तेदारों के घरों में रहकर लोगों ने खुद को सुरक्षित किया। खेतों में पानी भरने से धान की फसल नष्ट हो गई। इतना सब झेलने के बाद लोगों ने प्रशासन से सिर्फ एक ही मांग की कि यहां तटबंध बनाया जाए। एक साल बीतने के बावजूद प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया गया। नतीजतन अब पानी इन गांवों को फिर से नुकसान तो पहुंचा ही रहा है साथ लगते हरिया चक, मुकंदपुर के गांवों में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
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कोटपुन्नू के सरपंच विनय शर्मा ने कहा पिछले साल बाढ़ से हुई तबाही के बाद से ही यह अंदेशा था कि इस बार बाढ़ आई तो नए गांव निशाने पर होंगे। इसी खतरे से बचने के लिए हम लगातार तटबंध बनाने की मांग कर रहे हैं। पिछले एक वर्ष में अनगिनत शिष्टमंडल इस मांग को लेकर जिला स्तर के अधिकारियों से मिल चुके हैं। प्रशासन ने लोगों की समस्या को गंभीरता से लिया होता तो आज यह समस्या इतनी बड़ी न होती। इस बार बरसात शुरू होने से पहले भी हमने प्रशासन से यह मांग की थी कि तटबंध बनाने का काम न हो सके तो दरिया की खुदाई कराई जाए ताकि पानी चैनेलाइज हो जाए और नए रास्ते न बनाए लेकिन इस पर भी कोई काम नहीं हुआ।
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- 20 वर्षों बाद हरिया चक और मुकंदपुर की ओर हुआ दरिया का रुख
हीरानगर। उज्ज दरिया अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। दरिया के किनारे सटे गांवों के लोगों में प्रशासन के प्रति भारी रोष है। लोगों का कहना है कि पिछले साल बाढ़ से हुई तबाही से अगर प्रशासन ने सबक लिया होता तो इस बार नए गांव इसके निशाने पर न होते।
लोगों का कहना है कि पिछले साल बाढ़ से चक छिब्बा और रंदवाल इलाके में हुई तबाही के बाद से लगातार दरिया किनारे तटबंध बनाने की मांग कर रहे हैं। मगर इसके लिए प्रशासन ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाए हैं। लोगों ने बताया कि करीब 20 साल बाद हरिया चक और मुकंदपुर की ओर दरिया ने अपना रुख किया है।
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चक छिब्बा के सरपंच सतपाल भगत ने कहा कि पिछले साल दरिया में आई बाढ़ से खंदवाल में कई घरों को नुकसान हुआ। कई दिन तक आस-पड़ोस के घरों और रिश्तेदारों के घरों में रहकर लोगों ने खुद को सुरक्षित किया। खेतों में पानी भरने से धान की फसल नष्ट हो गई। इतना सब झेलने के बाद लोगों ने प्रशासन से सिर्फ एक ही मांग की कि यहां तटबंध बनाया जाए। एक साल बीतने के बावजूद प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया गया। नतीजतन अब पानी इन गांवों को फिर से नुकसान तो पहुंचा ही रहा है साथ लगते हरिया चक, मुकंदपुर के गांवों में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
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कोटपुन्नू के सरपंच विनय शर्मा ने कहा पिछले साल बाढ़ से हुई तबाही के बाद से ही यह अंदेशा था कि इस बार बाढ़ आई तो नए गांव निशाने पर होंगे। इसी खतरे से बचने के लिए हम लगातार तटबंध बनाने की मांग कर रहे हैं। पिछले एक वर्ष में अनगिनत शिष्टमंडल इस मांग को लेकर जिला स्तर के अधिकारियों से मिल चुके हैं। प्रशासन ने लोगों की समस्या को गंभीरता से लिया होता तो आज यह समस्या इतनी बड़ी न होती। इस बार बरसात शुरू होने से पहले भी हमने प्रशासन से यह मांग की थी कि तटबंध बनाने का काम न हो सके तो दरिया की खुदाई कराई जाए ताकि पानी चैनेलाइज हो जाए और नए रास्ते न बनाए लेकिन इस पर भी कोई काम नहीं हुआ।