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मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष
ब्यूरो/ कठुअा
Updated Sun, 13 Nov 2016 05:18 PM IST
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ध्ारना
- फोटो : अमर उजाला
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बकाया वेतन, सात साल पूरा कर चुके दिहाड़ीदारों को पक्का करने के साथ साथ अन्य मांगें पूरी न होने के विरोध में हड़ताल पर बैठे पीडीडी डेलीवेजरों ने तीसरे दिन भी अपना धरना जारी रखा। दिहाड़ीदारों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए भड़ास निकाली और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी वह काम पर नहीं लौटेंगे।
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धरने का नेतृत्व कर रहे प्रधान रामकृष्ण ने कहा कि तीन दिनों से डेलीवेजर हड़ताल पर हैं, लेकिन न तो सरकार और न ही विभाग के किसी अधिकारी की ओर से उन्हें कोई आश्वासन मिला है। साफ है कि सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसे में सरकार को इस बात को जान लेना होगा कि वह तभी काम पर लौंटेंगे जब उन्हें उनका हक मिलेगा।
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धरने में शामिल राजेश सिंह, सुशील कुमार, राधे श्याम, विनय कुमार ने कहा कि सरकार ने कश्मीर में 1994 से 2005 तक के भी दिहाड़ीदारों को पक्का किया। लेकिन जिला कठुआ के केवल 1995 तक के दिहाड़ीदार ही पक्के किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब कश्मीर में 2005 तक के दिहाड़ीदारों को पक्का किया जा सकता है तो फिर जिला कठुआ के क्यों नहीं।
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साफ है कि सरकार अब भी भेदभाव की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि बकाया वेतन के साथ साथ दिहाड़ी 500 रुपये करने, इंश्योरेेंस पालिसी बनाने और नीड बेस कर्मचारी को पीडीएल करने की मांग जब तक पूरी नहीं होगी वह हड़ताल वापस नहीं लेंगे। इस हड़ताल के लिए सरकर की जिम्मेदार है।