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Kathua News: फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

Mon, 05 May 2025 01:08 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Mon, 05 May 2025 01:08 AM IST
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NTPHC Basantpur remained limited to vaccination only
बसंतपुर में न्यू टाइप पीएचसी की निर्माणाधीन इमारत। स्रोत : जागरूक पाठक - फोटो : kathua
तबादले के दो साल बाद भी नहीं मिला चिकित्सा अधिकारी
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लंबे समय से स्वीकृत चिकित्सा अधिकारी के दो पद अब तक रिक्त
कठुआ। दर्जनों गांव को स्वास्थ्य सुविधा प्रधान करने वाला एक मात्र न्यू टाइप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एनटीपीएचसी) बसंतपुर सिर्फ महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण केंद्र बनकर रह गया है। लंबे समय से स्वीकृत दो चिकित्सा अधिकारी के पद रिक्त होने से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक सीनियर फार्मासिस्ट, दो मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) और एक महिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता के सहारे चल रहा है।

10 साल पहले स्वास्थ्य विभाग ने उपकेंद्र बंसतपुर का दर्जा बढ़ाकर उसे न्यू टाइप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के साथ दो चिकित्सा अधिकारियों के पद मंजूर कर दिए। मगर कभी भी दोनों पदों को एक साथ भरा नहीं गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि शुरू में पीएचसी को कार्यात्मक बनाने के लिए एक चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति भी की गई। मगर मई 2023 में चिकित्सा अधिकारी का तबादला पीएचसी भड्डू हो गया। इसके दो साल बीतने के बाद कभी भी चिकित्सा अधिकारी की तैनाती नहीं हुई है। वर्तमान में दोनों मेडिकल ऑफिसर के पद खाली पड़े हुए हैं। इसके चलते दर्जनों गांव के लोगों को मरहम पट्टी के अलावा अन्य उपचार पाने के लिए 20 किलोमीटर दूर जीमएमसी कठुआ और 10 किलोमीटर दूर पीएचसी लखनपुर आना पड़ता है। इससे न केवल स्थानीय लोगों का समय की बर्बादी होती है, बल्कि वित्त नुकसान भी उठाना पड़ता है। संवाद
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कोट
जिला प्रशासन की ओर आयोजित ब्लॉक दिवस और बैक टू विलेज कार्यक्रम में कई बार डॉक्टरों की कमी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है। कभी भी चिकित्सा अधिकारियों की तैनाती नहीं हुई। वर्तमान में न केवल बसंतपुर पंचायत के सात वार्ड, बल्कि थीन पंचायत के भी कई गांव इस पीएचसी पर निर्भर हैं।
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- सुनीता, पूर्व सरपंच बसंतपुर
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