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बिना पौधों के जीवन की कल्पना भी नहीं
ब्यूरो,अमर उजाला/कठुआ/बसोहली
Updated Mon, 23 May 2016 12:08 AM IST
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शिविर में मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
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पेड़-पौधों के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। हम सभी को जंगल बचाने के लिए एकसाथ आगे आना होगा। जैव विविधता ही हमारी धरोहर है। जंगलों को बचाने के मकसद से ही रविवार को क्षेत्र के पुरथू में जैव विविधता पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसका आयोजन राज्य बायो डायवर्सिटी बोर्ड के तत्वावधान में वन विभाग ने किया था।
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सुबह करीब 11 बजे वन एवं पर्यावरण मंत्री चौधरी लाल सिंह ने शिविर का उद्घाटन किया। फारेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स के जवानों ने वन मंत्री को गार्ड आफ आनर दिया। शिविर में विभिन्न विभागों ने अपने स्टाल लगाए थे। इन स्टालों पर विभागीय अधिकारी और कर्मचारी लोगों को जागरूक कर रहे थे। यही नहीं, लोगों को जागरूकता भरे संदेश लिखे पोस्टर भी दिए गए। लाल सिंह ने सभी स्टालों पर जाकर निरीक्षण किया।
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शिविर में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रखा गया था। इसमें पहाड़ी क्षेत्र शीतल नगर हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने लड़कियों पर आधारित प्रस्तुति दी। छात्राओं ने ‘खेड़न के दिन चार सहेलियों...’ प्रस्तुत किया तो वहां मौजूद लोगों की आंखों में आंसू आ गए। सूचना विभाग की कल्चरल शाखा की ओर से भी कार्यक्रम रखा गया था। रोमालो एंड पार्टी व वंशीलाल एंड पार्टी ने भी अपनी प्रस्तुति से लोगों का मन मोह लिया।
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लाल सिंह ने कहा कि जीव जंतु और इंसान भी वनों में ही समाए हैं। वनों के बिना जीवन संभव नहीं है। आज इंसान अपने स्वार्थ के लिए पेड़ों को काट रहा है। वन नहीं होने से जंगली जीव जंतु दरबदर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जंगलों में खाना नहीं मिलने के कारण बंदर शहरों और गांवों की ओर रुख करते हैं।
इसलिए अब जंगलों में फलदार पेड़ लगाए जाएंगे। जंगलों में जब फलदार पेड़ होेंगे तो बंदरों को वहीं पर खाना मिल सकेगा। जंगलों से भूमाफिया को भगाया जाएगा। शिविर में डीसी रमेश कुमार, डीसी डाक्टर शाहिद इकबाल चौधरी, वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक एके सिंह और राजेश्वर सिंह आदि मौजूद रहे।