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खनन बंद होने से ट्रैक्टर चालकों का घर चलाना हुआ मुश्किल
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बसोहली में बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखते ट्रैक्टर यूनियन के सदस्य, ?
- फोटो : KATHUA
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बसोहली। ट्रैक्टर यूनियन और प्रशासनिक अधिकारियों ने मंगलवार को एक बैठक आयोजित की, जिसमें प्रशासन को खनन बंद होने के बाद पैदा हुई समस्याओं के बारे में बताया गया। बैठक में तहसीलदार अमन आनंद, एसडीपीओ शाजिया मीर और थाना प्रभारी सिकंदर सिंह चौहान मुख्य रूप से मौजूद रहे।
ट्रैक्टर यूनियन के प्रधान संजय राजदान ने तहसीलदार को बताया कि खनन बंद होने से लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। पीएमए के तहत लोगों को घर बनाने के लिए सरकार सहायता राशि दे रही है। लेकिन, जितनी राशि उन्हें मिल रही है, निर्माण सामग्री अपने क्षेत्र में उपलब्ध न होने से उतनी राशि में घर बनाना बहुत मुश्किल हो गया है।
उन्होंने बताया कि कठुआ से बसोहली निर्माण सामग्री बहुत ऊंचे दामों में पहुंच रही है। खनन की समस्या के समाधान के लिए यूनियन का गठन किया गया था, जिसमें सभी ट्रैक्टर, टिप्पर यूनियन के सदस्यों को एकत्रित किया गया। हालांकि, खनन की समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है। उसी का परिणाम है कि आज यूनियन बैठक कर समस्याओं को सुना रही है।
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तहसीलदार ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की खनन से जुड़ी समस्या का समाधान करने के लिए वह प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए सभी जरूरी दस्तावेज बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दिए गए हैं। माइनिंग ब्लॉक भी चिह्नित किए गए हैं, जिस पर काम किया जा रहा है।
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ट्रैक्टर यूनियन के प्रधान संजय राजदान ने तहसीलदार को बताया कि खनन बंद होने से लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। पीएमए के तहत लोगों को घर बनाने के लिए सरकार सहायता राशि दे रही है। लेकिन, जितनी राशि उन्हें मिल रही है, निर्माण सामग्री अपने क्षेत्र में उपलब्ध न होने से उतनी राशि में घर बनाना बहुत मुश्किल हो गया है।
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उन्होंने बताया कि कठुआ से बसोहली निर्माण सामग्री बहुत ऊंचे दामों में पहुंच रही है। खनन की समस्या के समाधान के लिए यूनियन का गठन किया गया था, जिसमें सभी ट्रैक्टर, टिप्पर यूनियन के सदस्यों को एकत्रित किया गया। हालांकि, खनन की समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है। उसी का परिणाम है कि आज यूनियन बैठक कर समस्याओं को सुना रही है।
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तहसीलदार ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की खनन से जुड़ी समस्या का समाधान करने के लिए वह प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए सभी जरूरी दस्तावेज बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दिए गए हैं। माइनिंग ब्लॉक भी चिह्नित किए गए हैं, जिस पर काम किया जा रहा है।

बैठक में उपस्थित ट्रैक्टर यूनियन के सदस्य।- फोटो : KATHUA