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Kathua News: अधिक से अधिक संख्या में असंगठित श्रमिकों का हो पंजीकरण
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पीएम श्रम योगी मानधन योजना की समीक्षा बैठक में पंजीकरण अभियान तेज करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला विकास आयुक्त ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम) योजना के तहत पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि जिले में पात्र असंगठित श्रमिकों का अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण किया जाए।
बैठक की शुरुआत में सहायक श्रम आयुक्त कठुआ पियूषा खजूरिया ने जिले में योजना के तहत अब तक हुए पंजीकरण और प्रगति की जानकारी दी। बैठक में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के नामांकन की स्थिति की समीक्षा की गई। 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पात्र लाभार्थियों तक योजना का अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने की रणनीति पर विचार किया गया। जिला विकास आयुक्त राजेश कुमार ने असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का पंजीकरण कराने, जिला उद्योग केंद्र को औद्योगिक श्रमिकों को जोड़ने और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को ड्राइवरों, क्लीनरों तथा अन्य परिवहन क्षेत्र के श्रमिकों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। इसी तरह, एसीडी को मनरेगा श्रमिकों, स्वास्थ्य विभाग को आशा कार्यकर्ताओं और शिक्षा विभाग को मिड-डे मील कार्यकर्ताओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा। हस्तशिल्प, हैंडलूम और एनआरएलएम से जुड़े अधिकारियों को भी पात्र कारीगरों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
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कठुआ। जिला विकास आयुक्त ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम) योजना के तहत पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि जिले में पात्र असंगठित श्रमिकों का अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण किया जाए।
बैठक की शुरुआत में सहायक श्रम आयुक्त कठुआ पियूषा खजूरिया ने जिले में योजना के तहत अब तक हुए पंजीकरण और प्रगति की जानकारी दी। बैठक में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के नामांकन की स्थिति की समीक्षा की गई। 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पात्र लाभार्थियों तक योजना का अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने की रणनीति पर विचार किया गया। जिला विकास आयुक्त राजेश कुमार ने असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया।
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उन्होंने कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का पंजीकरण कराने, जिला उद्योग केंद्र को औद्योगिक श्रमिकों को जोड़ने और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को ड्राइवरों, क्लीनरों तथा अन्य परिवहन क्षेत्र के श्रमिकों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। इसी तरह, एसीडी को मनरेगा श्रमिकों, स्वास्थ्य विभाग को आशा कार्यकर्ताओं और शिक्षा विभाग को मिड-डे मील कार्यकर्ताओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा। हस्तशिल्प, हैंडलूम और एनआरएलएम से जुड़े अधिकारियों को भी पात्र कारीगरों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
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