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पंपसेटों के बिजली कनेक्शन काटे के विरोध में किसानों ने किया प्रदर्शन
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पंपसेटों के बिजली कनेक्शन काटे जाने पर डीसी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन करते नगरी के किसान, संवा?
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। धान के सीजन में पंपसेटों के कनेक्शन काटे जाने का नगरी के किसानों ने कड़ा विरोध किया है। बुधवार को किसानों ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए भड़ास निकाली और एडीसी अतुल गुप्ता से मिलकर समस्या का समाधान किए जाने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों में शामिल किसान करनैल सैनी ने कहा कि बिजली विभाग ने पंपसेटों को बिजली उपलब्ध कराने के लिए सौ केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया है। जिस पर दर्जनों पंपसेटों के अलावा लोगों के घरों के बिजली कनेक्शन हैं। विभाग ने भार बढ़ने पर बिजली किराया बकाया होने का बहाना लगाकर किसानों के कनेक्शन काट दिए गए हैं। पानी न मिलने से इलाके में लगी सैकड़ों कनाल धान की फसल मुरझा रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय को दो गुना करने की बात करती है। किसानों के साथ बिजली विभाग का ऐसा रवैया उनकी आय को दो गुना करना तो दूर, लागत से भी वंचित कर रहा है। वहीं, पंजाब सिंह ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में किसानों को सिंचाई के लिए पंपसेट की बिजली निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। लेकिन, जम्मू-कश्मीर के किसानों को यह सुविधा नहीं है। अब किराया बकाया होने पर उनके कनेक्शन भी काटे जाना किसानों का उत्पीड़न है।
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प्रदर्शन में शामिल किसान प्रीतम चंद ने कहा कि पिछले दो सालों में मौसम की मार के चलते किसानों के हुए नुकसान का सरकार ने अब तक कोई मुआवजा नहीं दिया है। लेकिन, अपने पैसे के लिए कनेक्शन काटकर किसानों पर दबाव बनाया जाना अनुचित है। अगर सरकार को बिजली के किराए को वसूलने की इतनी जल्दी है तो पहले वह किसानों के मुआवजे को जारी करे। जिससे किसान अपने बिजली के बकाए को अदा कर सकें। अगर बिजली विभाग उनके कनेक्शनों को बहाल नहीं करता है तो इसके खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया जाएगा।
वहीं, एडीसी ने लोगों की समस्या सुनने के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को उनके बकाए की एक किश्त जमा कराने को कहा। उन्होंने कहा कि बकाए की एक किश्त जमा कराने वाले किसानों के कनेक्शन तुरंत बहाल किए जाएंगे।
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प्रदर्शनकारियों में शामिल किसान करनैल सैनी ने कहा कि बिजली विभाग ने पंपसेटों को बिजली उपलब्ध कराने के लिए सौ केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया है। जिस पर दर्जनों पंपसेटों के अलावा लोगों के घरों के बिजली कनेक्शन हैं। विभाग ने भार बढ़ने पर बिजली किराया बकाया होने का बहाना लगाकर किसानों के कनेक्शन काट दिए गए हैं। पानी न मिलने से इलाके में लगी सैकड़ों कनाल धान की फसल मुरझा रही है।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय को दो गुना करने की बात करती है। किसानों के साथ बिजली विभाग का ऐसा रवैया उनकी आय को दो गुना करना तो दूर, लागत से भी वंचित कर रहा है। वहीं, पंजाब सिंह ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में किसानों को सिंचाई के लिए पंपसेट की बिजली निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। लेकिन, जम्मू-कश्मीर के किसानों को यह सुविधा नहीं है। अब किराया बकाया होने पर उनके कनेक्शन भी काटे जाना किसानों का उत्पीड़न है।
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प्रदर्शन में शामिल किसान प्रीतम चंद ने कहा कि पिछले दो सालों में मौसम की मार के चलते किसानों के हुए नुकसान का सरकार ने अब तक कोई मुआवजा नहीं दिया है। लेकिन, अपने पैसे के लिए कनेक्शन काटकर किसानों पर दबाव बनाया जाना अनुचित है। अगर सरकार को बिजली के किराए को वसूलने की इतनी जल्दी है तो पहले वह किसानों के मुआवजे को जारी करे। जिससे किसान अपने बिजली के बकाए को अदा कर सकें। अगर बिजली विभाग उनके कनेक्शनों को बहाल नहीं करता है तो इसके खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया जाएगा।
वहीं, एडीसी ने लोगों की समस्या सुनने के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को उनके बकाए की एक किश्त जमा कराने को कहा। उन्होंने कहा कि बकाए की एक किश्त जमा कराने वाले किसानों के कनेक्शन तुरंत बहाल किए जाएंगे।