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मनरेगा पर हुए काम में कठुआ जिला रहा अव्वल
ब्यूूराे/अमर उजाला, कठुअा
Updated Sat, 02 Apr 2016 12:53 AM IST
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मनरेगा मजदूर
- फोटो : Bureau
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट के तहत जिले में ग्रामीण विकास विभाग ने कीर्तिमान स्थापित किया है। वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान जिला कठुआ ने संभाग स्तर पर सबसे अधिक रोजगार देकर पहले नंबर पर जगह बनाई है। राज्य केे विभिन्न जिलों के लिए तय रोजगार उपलब्ध करवाने के लक्ष्य में कठुआ जिला तीसरे पायदान पर है।
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केंद्रीय योजना के तहत 7.59 देहाड़ियां सृजत करने का लक्ष्य कठुआ जिला के सामने था, जिसके मुकाबले जिले भर में 11 लाख देहाड़ियां मनरेगा के तहत उपलब्ध करवाई गई।
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इसके अतिरिक्त जिले में शुरू किए गए चार हजार काम में से सत्तर फीसदी पूरे कर लिए गए जबकि तीस फीसदी का काम भी तेजी से जारी है। इस वित्तीय वर्ष में ही सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण इलाकों में जल संरक्षण प्रोजेक्टों पर भी काम हुआ। सैकड़ों तालाब तैयार किए जाने के साथ ही सिंचाई नहरों को काम भी पूरा किया गया है।
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ग्रामीण विकास विभाग के सहायक आयुक्त विकास सुनीश शर्मा के अनुसार इस बार विभिन्न विभागों के विकास कार्यों का मनरेगा के तहत अभिसरण करने से लोगों में भी अधिक काम करने को लेकर जागरूकता आई है।
यही नहीं विभाग ने बीते साल लोगों को मनरेगा के तहत रोजगार हासिल करने के लिए भी व्यापक स्तर पर जागरूक किया है। अभिसरण अभियान को जिला में पहली बार शुरू किया गया था, जिसके नतीजों से साफ है कि लोगों को कच्चे कामों के साथ पक्के विकास को लेकर अधिक रूचि है।
विधायक सीडीएफ, सांसद निधि फंड, सेरिकल्चर विभाग की योजनाओं, सर्व शिक्षा अभियान समेत स्वास्थ्य विभाग के कई विकास कार्यों को अब मनरेगा के तहत करवाया गया है। ग्रामीण विकास विभाग की पूरी टीम ने इस साल मेहनत की जो रंग लाई है। जिला में मनरेगा के तहत 55 हजार जॉब कार्ड धारक हैं, जिनमें से 32 हजार लोग सक्रियता से कार्य कर रहे हैं।