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शहीद अरुण की मां और पत्नी शहादत की खबर से अंजान, कर रहीं सलामत लौटने की दुआ
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कठुआ/ज्यौड़ियां। शहीद जवान अरुण काटल, जुगल किशोर और विशाल शर्मा के पार्थिव शरीर शुक्रवार को घर पहुंचेंगे। तीनों जवानों की शहादत से तीसरे दिन भी गांवों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग वीरवार को भी पार्थिव शरीर पहुंचने का इंतजार करते रहे। कठुआ के गांव जंडोर के शहीद अरुण काटल की मां और पत्नी को तीसरे दिन भी शहादत के बारे में नहीं बताया गया। मां अभी भी बेटे के सही सलामत लौटने की दुआ कर रही है। गांवों में शहीदों के अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं।
शहीद अरुण के गांव जंडोर (कठुआ) में शहादत की खबर के बाद से ही सन्नाटा पसरा हुआ है। शहीद के पिता को बेटे की शहादत की खबर मिल चुकी है, लेकिन परिजनों की अरुण की मां और पत्नी को बताने की हिम्मत नहीं हो रही है। बुधवार को परिजन सारा दिन गेट पर खड़े रहे, ताकि कोई मिलने वाला अरुण की मां और पत्नी को शहादत के बारे में न बता दे। वीरवार को भी मां और पत्नी शहादत की खबर से बेखबर रहे। गांव के सरपंच ने बताया कि सेना की ओर से उन्हें जानकारी दी गई कि वीरवार को शहीद का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचेगा, लेकिन नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि पूरा गांव गमगीन है और यह लंबा इंतजार परिवार के लिए मुश्किल होता जा रहा है। अरुण के शहीद होने की खबर मंगलवार को ही सेना ने परिजनों को दे दी थी।
वहीं, खौड़ के गांव डोरी डगेर निवासी शहीद हवलदार जुगल किशोर शर्मा तथा चक्क मलाल निवासी सिपाही विशाल शर्मा के पार्थिव शरीर भी शुक्रवार को घर पहुंच जाएंगे। इसके बाद दोनों शहीदों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। ग्रामीणों की तरफ से दोनों शहीदों के अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं। शहीद हवलदार जुगल किशोर शर्मा का अंतिम संस्कार गांव डगेर के शमशान घाट पर तथा सिपाही विशाल शर्मा का गांव चक्क मलाल के शमशान घाट पर सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।
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शहीद अरुण के गांव जंडोर (कठुआ) में शहादत की खबर के बाद से ही सन्नाटा पसरा हुआ है। शहीद के पिता को बेटे की शहादत की खबर मिल चुकी है, लेकिन परिजनों की अरुण की मां और पत्नी को बताने की हिम्मत नहीं हो रही है। बुधवार को परिजन सारा दिन गेट पर खड़े रहे, ताकि कोई मिलने वाला अरुण की मां और पत्नी को शहादत के बारे में न बता दे। वीरवार को भी मां और पत्नी शहादत की खबर से बेखबर रहे। गांव के सरपंच ने बताया कि सेना की ओर से उन्हें जानकारी दी गई कि वीरवार को शहीद का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचेगा, लेकिन नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि पूरा गांव गमगीन है और यह लंबा इंतजार परिवार के लिए मुश्किल होता जा रहा है। अरुण के शहीद होने की खबर मंगलवार को ही सेना ने परिजनों को दे दी थी।
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वहीं, खौड़ के गांव डोरी डगेर निवासी शहीद हवलदार जुगल किशोर शर्मा तथा चक्क मलाल निवासी सिपाही विशाल शर्मा के पार्थिव शरीर भी शुक्रवार को घर पहुंच जाएंगे। इसके बाद दोनों शहीदों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। ग्रामीणों की तरफ से दोनों शहीदों के अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं। शहीद हवलदार जुगल किशोर शर्मा का अंतिम संस्कार गांव डगेर के शमशान घाट पर तथा सिपाही विशाल शर्मा का गांव चक्क मलाल के शमशान घाट पर सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।
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