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Kathua News: कोरोना काल में खत्म हुआ ट्रेनों का ठहराव नहीं मिला वापस

Tue, 10 Mar 2026 01:59 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Tue, 10 Mar 2026 01:59 AM IST
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कुलदीप सिंह - फोटो : samvad
टाटा मूरी, अर्चना एक्सप्रेस और सूबेदारगंज ट्रेन के लाभ से वंचित हो रहे लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी

कठुआ। कोरोना काल के दौरान बंद की गई तीन महत्वपूर्ण ट्रेनों का कठुआ रेलवे स्टेशन पर ठहराव अब तक बहाल नहीं किया गया है। इससे सालभर धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले हजारों श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन धर्म नगरियों तक श्रद्धालुओं को पहुंच बनाने के लिए पहले पठानकोट जाना पड़ता है जिससे न केवल उनका समय बल्कि पैसा भी बर्बाद होता है।

कोरोना महामारी के समय रेलवे द्वारा टाटा मूरी एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस और सूबेदारगंज एक्सप्रेस के ठहराव अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए थे लेकिन कोरोना महामारी समाप्त होने के कई साल बाद भी इन ट्रेनों के ठहराव बहाल नहीं हो रहे हैं। इन ट्रेनों के ठहराव से पहले कठुआ और आसपास के क्षेत्रों के हजारों श्रद्धालु आसानी से विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा करते थे। टाटा मूरी एक्सप्रेस से लोग अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में माथा टेकने जाते थे। वहीं अर्चना एक्सप्रेस से गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलती थी।
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इसी तरह सूबेदारगंज एक्सप्रेस प्रयागराज जाने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण ट्रेन थी। अब इन ट्रेनों का ठहराव न होने के कारण यात्रियों को पहले पठानकोट या जम्मू स्टेशनों पर जाने को मजबूर हो रहे हैं। इससे यात्रियों का समय और पैसा दोनों खर्च होता है। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से लंबे समय से मांग कर रहे है कि इन ट्रेनों का कठुआ रेलवे स्टेशन पर ठहराव जल्द बहाल किया जाए, ताकि धार्मिक यात्राओं पर जाने वाले श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को राहत मिल सके।
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स्थानीय विधायक डॉ. भारत भूषण भी कई बार रेलवे प्रशासन के अधिकारियों से मिलकर इन ट्रेनों के ठहराव बहाल करने की मांग कर चुके हैं लेकिन रेलवे प्रशासन है कि अभी तक विचार ही कर रहा है। बता दें कि कठुआ रेलवे स्टेशन जम्मू-कश्मीर का पहला स्टेशन है और इसके आसपास तीन बड़े औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं। हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर इन शहरों से काम करने के लिए आते हैं उनको ठहराव नहीं होने से मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

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कोट
टाटा मूरी एक्सप्रेस सहित एक-एक अन्य ट्रेन रोजाना जम्मू से अमृतसर से होकर गुजरती है, लेकिन दोनों ट्रेनों का ठहराव कठुआ में नहीं है। इससे अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में माथा टेकने श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां रेलवे प्रशासन ने जहां देश भर से दर्जनों ट्रेनों को सीधा स्वर्ण मंदिर तक उपलब्ध करवाई है। कठुआ और उसके आसपास के इलाकों की सिख संगत को इससे वंचित रह रहे हैं। लिहाजा सरकार इस पर जल्द निर्णय लेकर ठहराव को बहाल करे।


-मास्टर कुलदीप सिंह, स्थानीय

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धर्म नगरी प्रयागराज, गोरखनाथ मंदिर धाम सहित उत्तर प्रदेश के धर्म स्थलों तक श्रद्धालुओं की पहुंच को सुगम बनाना चाहिए। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि लोगों की सनातन की तरफ आस्था भी बढ़ेगी। रेलवे प्रशासन को जल्द से जल्द कठुआ में ट्रेनों का ठहराव बहाल करना चाहिए।

-संजीव वैद, सेवानिवृत प्रधानाचार्य शिक्षा विभाग

कुलदीप सिंह

कुलदीप सिंह- फोटो : samvad

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