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Kathua News: भगवान शिव की विधिविधान व शुद्ध अंतर्मन से करें पूजा
Tue, 10 Mar 2026 02:00 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 10 Mar 2026 02:00 AM IST
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रामकोट। दुर्गापुरी काह नगरोटा गुजरु में शिव महापुराण कथा जारी है। कथावाचक विजय कृष्ण पाराशर ने चौथे दिन श्रद्धालुओं को भगवान शिव की लीलाओं की कथा सुनाई। क्षेत्रवासियों ने कथा श्रवण कर पुण्य अर्जन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान शिव की विधिविधान और शुद्ध अंतर्मन से पूजा करने को कहा।
कथावाचक ने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए भगवान अनेक लीलाएं करते हैं। इनमें जगत का कल्याण छिपा रहता है। उन्होंने लोगों को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की कथा का मधुर ध्वनि से श्रवण कराया। उन्होंने कहा कि भगवान प्रेम के भूखे होते हैं। जब भगवान राम अपने भाई लक्ष्मण के साथ जगत जननी सीता मैया को ढूंढते हुए शबरी के आश्रम पहुंचे तो शबरी भगवान की प्रतीक्षा में राह में फूल बिछाती हुई मिलती हैं। उनके खाने के लिए जंगल से बेर एकत्रित कर लाती है और भगवान को चख-चख कर खिलाती है। भगवान अपनी भक्त शबरी के झूठे बेरों को प्रेम से खाते हैं।
कथाव्यास ने कहा कि भगवान को कुछ नहीं चाहिए। भगवान भक्त के वश में होते हैं। जब भी भक्त उन्हें याद करता है भगवान भक्त के पास दौड़ते हुए आते हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि संसार में प्रेम से बढ़ कर कोई वस्तु नहीं है।
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कथावाचक ने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए भगवान अनेक लीलाएं करते हैं। इनमें जगत का कल्याण छिपा रहता है। उन्होंने लोगों को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की कथा का मधुर ध्वनि से श्रवण कराया। उन्होंने कहा कि भगवान प्रेम के भूखे होते हैं। जब भगवान राम अपने भाई लक्ष्मण के साथ जगत जननी सीता मैया को ढूंढते हुए शबरी के आश्रम पहुंचे तो शबरी भगवान की प्रतीक्षा में राह में फूल बिछाती हुई मिलती हैं। उनके खाने के लिए जंगल से बेर एकत्रित कर लाती है और भगवान को चख-चख कर खिलाती है। भगवान अपनी भक्त शबरी के झूठे बेरों को प्रेम से खाते हैं।
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कथाव्यास ने कहा कि भगवान को कुछ नहीं चाहिए। भगवान भक्त के वश में होते हैं। जब भी भक्त उन्हें याद करता है भगवान भक्त के पास दौड़ते हुए आते हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि संसार में प्रेम से बढ़ कर कोई वस्तु नहीं है।
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