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Kathua News: बसोहली पेयजल परियोजना अधूरी पेयजल के लिए भटक रहे लोग
Thu, 19 Feb 2026 01:09 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 19 Feb 2026 01:09 AM IST
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कठुआ। विधानसभा के शरदकालीन सत्र में बसोहली के विधायक दर्शन सिंह ने उपमंडल में जल शक्ति विभाग की अधूरी परियोजनाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा से पूछा कि गर्मी के मौसम में पेयजल की जरूरत पूरी करने के लिए विभाग क्या कदम उठा रहा है।
विधायक ने बताया कि उनके क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 42 योजनाओं का निर्माण कार्य चल रहा है लेकिन एक भी योजना पूरी नहीं हो पाई है। कमजोर ढांचागत सुविधाएं और कर्मचारियों की कमी के कारण गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत बिछाई जा रही प्लास्टिक पाइपों को पहाड़ी क्षेत्र के लिए अनुपयुक्त बताया। उनका कहना था कि बसोहली पहाड़ी क्षेत्र है जहां भूस्खलन आम है। ऐसी परिस्थितियों में प्लास्टिक पाइपें टिकाऊ नहीं हो सकतीं और इन्हें लोहे की पाइपों से बदला जाना चाहिए।
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विधायक के सवाल का जवाब देते हुए जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा ने कहा कि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की योजना है और इसके लिए फंड केंद्र से ही उपलब्ध कराए जाते हैं।
फंड की कमी के कारण योजनाओं का काम रुका हुआ है। उन्होंने बताया कि योजना की अंतिम समय सीमा बढ़ा दी गई है।
मंत्री ने कहा कि लोगों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
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विधायक ने बताया कि उनके क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 42 योजनाओं का निर्माण कार्य चल रहा है लेकिन एक भी योजना पूरी नहीं हो पाई है। कमजोर ढांचागत सुविधाएं और कर्मचारियों की कमी के कारण गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है।
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उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत बिछाई जा रही प्लास्टिक पाइपों को पहाड़ी क्षेत्र के लिए अनुपयुक्त बताया। उनका कहना था कि बसोहली पहाड़ी क्षेत्र है जहां भूस्खलन आम है। ऐसी परिस्थितियों में प्लास्टिक पाइपें टिकाऊ नहीं हो सकतीं और इन्हें लोहे की पाइपों से बदला जाना चाहिए।
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विधायक के सवाल का जवाब देते हुए जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा ने कहा कि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की योजना है और इसके लिए फंड केंद्र से ही उपलब्ध कराए जाते हैं।
फंड की कमी के कारण योजनाओं का काम रुका हुआ है। उन्होंने बताया कि योजना की अंतिम समय सीमा बढ़ा दी गई है।
मंत्री ने कहा कि लोगों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।