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Kathua News: नगर परिषद की कार्रवाई से दुकानदारों में बढ़ी चिंता
Sat, 28 Feb 2026 01:16 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sat, 28 Feb 2026 01:16 AM IST
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- शहर में जगह-जगह रेहड़ी लगाने वालों में संशय का माहौल
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर में अतिक्रमण के खिलाफ नगर परिषद द्वारा चलाए जा रहे अभियान ने सड़क किनारे रेहड़ी और फड़ी लगाने वाले दुकानदारों में गहरी चिंता पैदा कर दी है। जिन क्षेत्रों में अब तक कार्रवाई हुई है, वहां हटाए गए दुकानदार अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए नई जगह तलाश रहे हैं, जबकि अन्य इलाकों में यह चर्चा तेज है कि अगली कार्रवाई कहां होगी।
जीएमसी कठुआ के सामने अस्थायी रूप से ढाबे चलाने वालों में सबसे अधिक संशय देखा जा रहा है। यहां दुकान चलाने वाली शकुंतला देवी ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व अतिक्रमण विरोधी अभियान में उनका ढाबा हटाया गया था, लेकिन तत्कालीन डीसी ने उन्हें जीएमसी की दीवार के पास दुकान चलाने की अनुमति दी थी। अब दोबारा अभियान शुरू होने से उन्हें अपनी रोजी-रोटी पर संकट मंडराता दिख रहा है।
रेलवे रोड पर रेहड़ी लगाने वाले मोहम्मद इस्लाम भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि रेलवे रोड पंचायत क्षेत्र में आता है, इसलिए उम्मीद है कि कार्रवाई से बच जाएंगे, लेकिन पिछली बार यहां भी प्रशासन की टीम पहुंची थी। उन्होंने बताया कि अब सुबह दुकान लगाने से पहले उन्हें सौ बार सोचना पड़ता है कि सामान रखे या नहीं।
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दुकानदारों का कहना है कि नगर परिषद ने रेहड़ी को चलती रहने की अनुमति दी थी, लेकिन इस व्यवस्था से उनके स्थायी ग्राहक उन तक नहीं पहुंच पाते हैं। मजबूरी में उन्हें एक ही स्थान पर खड़े रहकर दुकानदारी करनी पड़ती है। यदि यहां भी कार्रवाई होती है तो उनका रोजगार प्रभावित होना तय है।
आपको बता दें कि नगर परिषद ने अब तक शहीदी चौक से मुखर्जी चौक और हटली मोड़ क्षेत्र में ही अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया है। इन स्थानों पर हुई कार्रवाई ने शहर के अन्य हिस्सों में रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों की नींद उड़ा दी है। दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन को उनकी आजीविका का भी ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि रोजगार छिनने से उनके परिवारों पर सीधा असर पड़ता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर में अतिक्रमण के खिलाफ नगर परिषद द्वारा चलाए जा रहे अभियान ने सड़क किनारे रेहड़ी और फड़ी लगाने वाले दुकानदारों में गहरी चिंता पैदा कर दी है। जिन क्षेत्रों में अब तक कार्रवाई हुई है, वहां हटाए गए दुकानदार अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए नई जगह तलाश रहे हैं, जबकि अन्य इलाकों में यह चर्चा तेज है कि अगली कार्रवाई कहां होगी।
जीएमसी कठुआ के सामने अस्थायी रूप से ढाबे चलाने वालों में सबसे अधिक संशय देखा जा रहा है। यहां दुकान चलाने वाली शकुंतला देवी ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व अतिक्रमण विरोधी अभियान में उनका ढाबा हटाया गया था, लेकिन तत्कालीन डीसी ने उन्हें जीएमसी की दीवार के पास दुकान चलाने की अनुमति दी थी। अब दोबारा अभियान शुरू होने से उन्हें अपनी रोजी-रोटी पर संकट मंडराता दिख रहा है।
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रेलवे रोड पर रेहड़ी लगाने वाले मोहम्मद इस्लाम भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि रेलवे रोड पंचायत क्षेत्र में आता है, इसलिए उम्मीद है कि कार्रवाई से बच जाएंगे, लेकिन पिछली बार यहां भी प्रशासन की टीम पहुंची थी। उन्होंने बताया कि अब सुबह दुकान लगाने से पहले उन्हें सौ बार सोचना पड़ता है कि सामान रखे या नहीं।
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दुकानदारों का कहना है कि नगर परिषद ने रेहड़ी को चलती रहने की अनुमति दी थी, लेकिन इस व्यवस्था से उनके स्थायी ग्राहक उन तक नहीं पहुंच पाते हैं। मजबूरी में उन्हें एक ही स्थान पर खड़े रहकर दुकानदारी करनी पड़ती है। यदि यहां भी कार्रवाई होती है तो उनका रोजगार प्रभावित होना तय है।
आपको बता दें कि नगर परिषद ने अब तक शहीदी चौक से मुखर्जी चौक और हटली मोड़ क्षेत्र में ही अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया है। इन स्थानों पर हुई कार्रवाई ने शहर के अन्य हिस्सों में रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों की नींद उड़ा दी है। दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन को उनकी आजीविका का भी ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि रोजगार छिनने से उनके परिवारों पर सीधा असर पड़ता है।