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Udhampur News: रामबन में मधुमक्खी पालन को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
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रामबन। जिला रामबन में ‘वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन और शहद मूल्य संवर्धन’ पर सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। इसका उद्घाटन डिप्टी कमिश्नर रामबन मोहम्मद इलियास खान ने किया। इसका उद्देश्य जिले में किसानों, युवाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए स्थायी आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम का आयोजन कृषि और ग्रामीण विकास केंद्र (सीएआरडी) द्वारा कृषि विभाग, रामबन के सहयोग से किया गया। इसे जम्मू और कश्मीर बैंक द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत प्रायोजित किया गया है।
डिप्टी कमिश्नर ने रामबन के मशहूर जीआई टैग्ड सुलाई शहद की बहुत ज़्यादा संभावनाओं के बारे में बताया। इसका ज़िक्र हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ''''''''मन की बात'''''''' रेडियो प्रोग्राम में किया था। उन्होंने बताया कि कैसे रामबन के पहाड़ी इलाकों में जंगली तुलसी (सुलाई) के फूलों से मिलने वाले अनोखे सफेद रंग के शहद को जीआई टैग मिलने के बाद नेशनल पहचान मिली है, जिससे एक्सपोर्ट और इकोनॉमिक ग्रोथ के नए रास्ते खुले हैं।
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उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह ट्रेनिंग लोकल मधुमक्खी पालन इकोसिस्टम को और मज़बूत करेगी, स्वरोजगार के मौके पैदा करेगी।
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कार्यक्रम का आयोजन कृषि और ग्रामीण विकास केंद्र (सीएआरडी) द्वारा कृषि विभाग, रामबन के सहयोग से किया गया। इसे जम्मू और कश्मीर बैंक द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत प्रायोजित किया गया है।
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डिप्टी कमिश्नर ने रामबन के मशहूर जीआई टैग्ड सुलाई शहद की बहुत ज़्यादा संभावनाओं के बारे में बताया। इसका ज़िक्र हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ''''''''मन की बात'''''''' रेडियो प्रोग्राम में किया था। उन्होंने बताया कि कैसे रामबन के पहाड़ी इलाकों में जंगली तुलसी (सुलाई) के फूलों से मिलने वाले अनोखे सफेद रंग के शहद को जीआई टैग मिलने के बाद नेशनल पहचान मिली है, जिससे एक्सपोर्ट और इकोनॉमिक ग्रोथ के नए रास्ते खुले हैं।
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उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह ट्रेनिंग लोकल मधुमक्खी पालन इकोसिस्टम को और मज़बूत करेगी, स्वरोजगार के मौके पैदा करेगी।