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Kathua News: आईएसबीटी कठुआ हुआ सक्रिय, जेकेआरटीसी की बसें रुकना शुरू
Tue, 06 May 2025 01:32 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 06 May 2025 01:32 AM IST
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आईएसबीटी कठुआ में लगा ट्रकों का जमावड़ा। संवाद
- फोटो : kathua
खुशखबरी ... यात्रियों के लिए बढ़ी सुविधा, अब लोगों को लखनपुर पहुंचकर या हाईवे पर खड़े होकर बसों के रुकने का नहीं करना होगा इंतजार
कठुआ। वर्ष 2007 से शुरू हुई कवायद आखिरकार परवान चढ़ गई है। कठुआ जिले में पहला अंतरराज्यीय बस टर्मिनल सक्रिय कर दिया गया है। आईएसबीटी कठुआ में निर्माण के छह साल के बाद जम्मू कश्मीर सड़क परिवहन निगम, जेकेआरटीसी की बसें रूकना शुरू हो गई हैं।
फिलहाल रोजाना दो दर्जन से ज्यादा जेकेआरटीसी बसें आईएसबीटी में रूकना शुरू हो गई हैं। मगर नगर परिषद की ओर से आईएसबीटी कठुआ के बाहर इसका साइन बोर्ड लगाया जाना परिवहन आयुक्त की ओर से तय किया गया था। फिलहाल यह साइन बोर्ड भी नहीं लगाया गया है।शहर से जोड़ने के लिए ई-रिक्शा सर्विस भी जरूरी
कठुआ शहर से अंतराज्यीय सफर करने वाले यात्री अबतक लखनपुर या फिर कालीबड़ी चौक से जेकेआरटीसी बसों में सवार होते थे। वाहन चालकों ने भी मांग की है कि अलग अलग जगह रूकने से समय खराब होता है। ऐसे में कालीबड़ी की जगह आईएसबीटी कठुआ को भी स्टॉप निधार्रित किया जाना चाहिए। जिसके लिए जरूरी है कि शहर को कनेक्टिविटी देते हुए यहीं से कठुआ शहर के लिए ई-रिक्शा भी चलाए जाएं।
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आईएसबीटी में ट्रकों का जमावड़ा, सुरक्षा प्रबंध भी जरूरी
भले ही जेकेआरटीसी ने निर्देश के बाद आईएसबीटी से बस सेवाओं का संचालन शुरू कर दिया है। लेकिन यहां अब भी ट्रकों का जमावड़ा है। बसों के लिए नियमित आवागमन और अवरोधकों को कम करने के लिए यहां से ट्रकों को हटाया जाना भी बेहद जरूरी है। इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती भी फिलहाल नहीं है। आईएसबीटी में शाम ढ़लने के बाद रोशनी के उचित प्रबंधन किए जाने की भी जरूरत है।
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मीडियन में कट नहीं, खरोट मोड़ से और गलत दिशा से आने को मजबूर बस चालक
आईएसबीटी कठुआ में प्रदेश के बाहर से आने वाली बसें तो सीधा दाखिल हो रही हैं लेकिन जम्मू से आने वाली बसों को या तो खरोट मोड़ या फिर अस्पताल के पास मीडियन में कट से गलत दिशा से हाईवे पर सफर करना पड़ रहा है। इससे हादसों की संभावना भी बढ़ जाती है। आईएसबीटी से सवारी बैठाने के बाद बसों को एक बार फिर अस्पताल के पास से मुड़कर लखनपुर की ओर जाना पड़ रहा है। ऐसे में हादसों को रोकने और बसों के सही आवागमन के लिए यातायात विभाग को भी सक्रियता से काम करने और प्रबंधन सुनिश्चित करने की जरूरत है।
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कोट
आईएसबीटी में बसें रुकना शुरू हो गई हैं। यहां साइन बोर्ड तैयार हो रहा है जल्द ही लगवा दिया जाएगा। जरूरत के हिसाब से यात्री सुविधाओं को भी आने वाले समय में विकसित किया जाएगा।
अमित शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कठुआ
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कठुआ। वर्ष 2007 से शुरू हुई कवायद आखिरकार परवान चढ़ गई है। कठुआ जिले में पहला अंतरराज्यीय बस टर्मिनल सक्रिय कर दिया गया है। आईएसबीटी कठुआ में निर्माण के छह साल के बाद जम्मू कश्मीर सड़क परिवहन निगम, जेकेआरटीसी की बसें रूकना शुरू हो गई हैं।
फिलहाल रोजाना दो दर्जन से ज्यादा जेकेआरटीसी बसें आईएसबीटी में रूकना शुरू हो गई हैं। मगर नगर परिषद की ओर से आईएसबीटी कठुआ के बाहर इसका साइन बोर्ड लगाया जाना परिवहन आयुक्त की ओर से तय किया गया था। फिलहाल यह साइन बोर्ड भी नहीं लगाया गया है।शहर से जोड़ने के लिए ई-रिक्शा सर्विस भी जरूरी
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कठुआ शहर से अंतराज्यीय सफर करने वाले यात्री अबतक लखनपुर या फिर कालीबड़ी चौक से जेकेआरटीसी बसों में सवार होते थे। वाहन चालकों ने भी मांग की है कि अलग अलग जगह रूकने से समय खराब होता है। ऐसे में कालीबड़ी की जगह आईएसबीटी कठुआ को भी स्टॉप निधार्रित किया जाना चाहिए। जिसके लिए जरूरी है कि शहर को कनेक्टिविटी देते हुए यहीं से कठुआ शहर के लिए ई-रिक्शा भी चलाए जाएं।
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आईएसबीटी में ट्रकों का जमावड़ा, सुरक्षा प्रबंध भी जरूरी
भले ही जेकेआरटीसी ने निर्देश के बाद आईएसबीटी से बस सेवाओं का संचालन शुरू कर दिया है। लेकिन यहां अब भी ट्रकों का जमावड़ा है। बसों के लिए नियमित आवागमन और अवरोधकों को कम करने के लिए यहां से ट्रकों को हटाया जाना भी बेहद जरूरी है। इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती भी फिलहाल नहीं है। आईएसबीटी में शाम ढ़लने के बाद रोशनी के उचित प्रबंधन किए जाने की भी जरूरत है।
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मीडियन में कट नहीं, खरोट मोड़ से और गलत दिशा से आने को मजबूर बस चालक
आईएसबीटी कठुआ में प्रदेश के बाहर से आने वाली बसें तो सीधा दाखिल हो रही हैं लेकिन जम्मू से आने वाली बसों को या तो खरोट मोड़ या फिर अस्पताल के पास मीडियन में कट से गलत दिशा से हाईवे पर सफर करना पड़ रहा है। इससे हादसों की संभावना भी बढ़ जाती है। आईएसबीटी से सवारी बैठाने के बाद बसों को एक बार फिर अस्पताल के पास से मुड़कर लखनपुर की ओर जाना पड़ रहा है। ऐसे में हादसों को रोकने और बसों के सही आवागमन के लिए यातायात विभाग को भी सक्रियता से काम करने और प्रबंधन सुनिश्चित करने की जरूरत है।
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कोट
आईएसबीटी में बसें रुकना शुरू हो गई हैं। यहां साइन बोर्ड तैयार हो रहा है जल्द ही लगवा दिया जाएगा। जरूरत के हिसाब से यात्री सुविधाओं को भी आने वाले समय में विकसित किया जाएगा।
अमित शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कठुआ