फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   illegal fishing in ranjit sagar lake

‘बाहरी राज्यों के मछुआरे रात में झील से पकड़ते हैं मछलियां’

Sun, 17 Jan 2016 01:13 AM IST
कठुआ/अमर उजाला ब्यूरो
कठुआ/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 17 Jan 2016 01:13 AM IST
विज्ञापन
illegal fishing in ranjit sagar lake

पंजाब से सटी राज्य की सरहद का जितना फायदा लोगों को मिल रहा है, उससे कहीं अधिक नुकसान भी चुकाना पड़ रहा है। राज्य में धारा 370 के कारण बाहरी लोगों को यहां खरीद-फरोख्त, व्यवसाय की अनुमति नहीं है।

विज्ञापन


फिर भी बाहरी राज्यों के मछुआरों की दखल बढ़ती जा रहा है। वे चंद रुपये का प्रलोभन देकर स्थानीय लोगों को मोहरा बना रहे हैं। उन्हीं के बल पर राज्य की संपदा का दोहन कर रहे।
विज्ञापन


पिछले सात वर्षों से लगातार रावी दरिया (जम्मू कश्मीर) के 60 प्रतिशत हिस्से वाली रंजीत सागर झील से मत्स्य पालन विभाग खुली बोली लगवाकर राज्य को अधिक मुनाफे की ओर ले जाने के दावे करता है। लेकिन इस प्रक्रिया से लगभग 200 परिवारों की रोजी रोटी पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


लगभग दो वर्षों से इनमें से अधिकतर पेशेवर मछुआरे परिवार इस व्यवसाय से मुंह मोड़ चुके हैं। शनिवार को स्थानीय मजदूरों का शिष्टमंडल एसडीएम बसोहली से मिला और इस समस्या को अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि रंजीत सागर बांध से जहां रात के समय अवैध रूप से मछलियां पकड़ी जा रही हैं।

स्थानीय मछुआरों के हक को नजरअंदाज करते हुए बाहरी राज्यों के मछुआरों को काम पर लगाया गया है। मछुआरों में शामिल मंजूर अहमद, मंगलू राम, परवेज अहमद, तारिक हुसैन, नेक मोहम्मद आदि ने बताया कि विभाग के राजस्व में बढ़ोत्तरी के बाद भी अधिकतर मछुआरों को पुरानी दर से ही मछलियां पकड़ने का मेहनताना दिया जाता है।

इससे इंकार करने वालों को ठेकेदार काम पर नहीं रख रहा। शिष्टमंडल में आए लोगों ने बाकायदा शिकायत की प्रतियां जिला उपायुक्त और मछली पालन विभाग के उच्च अधिकारियों को भी भेजी हैं।


सहायक निदेशक, मत्स्य पालन विभाग पवन शर्मा ने कहा कि पिछले साल हुए टेंडर में तीन साल का कांट्रैक्ट सालाना दस फीसदी इजाफे के साथ दिया गया। इस बीच स्थानीय मछुआरे प्रति किलो के हिसाब से मेहनताना बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed