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हेलिकाप्टर हादसे में लापता दूसरे पायलट की गंभीरता से तलाश जारी : सेना
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कठुआ। रंजीत सागर झील में तीन अगस्त को दुर्घटनाग्रस्त सेना के रुद्र हेलिकॉप्टर मामले में लापता दूसरे पायलट की तलाश 19वें दिन भी जारी रही। सेना की पश्चिमी कमान ने कहा है कि लापता पायलट को खोजने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, झील की गहराई में तकनीक और डीप डाइविंग गोताखोरों को फिलहाल कोई नई सफलता हाथ नहीं लगी है।
इससे पहले दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर में सवार पायलट एएस बाठ का शव झील से सप्ताह भर पूर्व बरामद किया गया था। दूसरे लापता पायलट की तलाश को तेज करने के संबंध में उनके भाई की ओर से सोशल मीडिया के माध्यम से दो दिन पूर्व ही प्रधानमंत्री कार्यालय और रक्षा मंत्रालय से भी गुहार लगाई गई थी।
शनिवार को सेना की पश्चिमी कमान की ओर से बताया गया कि तीन अगस्त को रंजीत सागर झील में दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर में सवार दूसरे पायलट की तलाश गंभीरता से जारी है। बताया कि सेना और नौसेना की ओर से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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इनमें हाईटेक उपकरणों के इस्तेमाल के साथ-साथ विशेष गोताखोरों के दल को लगाया गया है। अभियान में मल्टी बीम सोनार, साइड स्कैनर और रिमोटली ऑपरेटिव वाहनों को इस्तेमाल किया जा रहा है। बचाव अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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इससे पहले दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर में सवार पायलट एएस बाठ का शव झील से सप्ताह भर पूर्व बरामद किया गया था। दूसरे लापता पायलट की तलाश को तेज करने के संबंध में उनके भाई की ओर से सोशल मीडिया के माध्यम से दो दिन पूर्व ही प्रधानमंत्री कार्यालय और रक्षा मंत्रालय से भी गुहार लगाई गई थी।
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शनिवार को सेना की पश्चिमी कमान की ओर से बताया गया कि तीन अगस्त को रंजीत सागर झील में दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर में सवार दूसरे पायलट की तलाश गंभीरता से जारी है। बताया कि सेना और नौसेना की ओर से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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इनमें हाईटेक उपकरणों के इस्तेमाल के साथ-साथ विशेष गोताखोरों के दल को लगाया गया है। अभियान में मल्टी बीम सोनार, साइड स्कैनर और रिमोटली ऑपरेटिव वाहनों को इस्तेमाल किया जा रहा है। बचाव अभियान आगे भी जारी रहेगा।