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नशे से स्वास्थ्य पर पड़ा गलत प्रभाव
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कठुआ। नशीली दवाओं के उपयोग से होने वाले नुकसान के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। हायर सेकेंडरी स्कूल जखबड़ में जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें आईआरपी की 19वीं बटालियन के वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभाव पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में आईआरपी 19वीं बटालियन के कमांडेंट एसएसपी बेनाम तोष ने शिक्षकों की मौजूदगी में विद्यार्थियों को दृढ़ निश्चय के साथ नशा मुक्ति से दूर रहने का संकल्प दिलाया। उन्होंने खेल, सांस्कृतिक और गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छात्रों को प्रोत्साहित किया। वहीं स्कूल के प्रधानाचार्य देविंदर पाल सिंह ने नशे के दुष्प्रभाव पर जागरूक किया। आईआरपी 19वीं बटालियन के कमांडेंट, डिप्टी कमांडेंट और अन्य अधिकारियों का आभार जताया।
अपने संबोधन में बेनाम तोष ने छात्रों से नशा करने वालों और उनकी संगत से बचने को कहा। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग से समाज में अवसाद, आत्महत्या, हत्या और अन्य अपराधों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं, विचारकों, प्रमुख नागरिकों, पंचायती राज संस्थाओं, लंबरदारों, चौकीदारों, प्रशासकों, शिक्षाविदों और पुलिस अधिकारियों को विशेषकर छात्रों को इससे बचाने के लिए कहा। अपने अनुभव साझा करते हुए बेनाम तोष ने छात्रों को बताया कि 21 साल पहले जब वे डिप्टी एसपी थे, तब उन्होंने भारत दर्शन पर व्यक्तिगत रूप से कठुआ के विभिन्न स्कूलों के 76 छात्रों का नेतृत्व किया था। उन्होंने कठुआ जिले में दूर-दूर तक यात्रा के साथ यहां के कई स्कूलों और कॉलेजों का दौरा किया था। डिप्टी एसपी रूप में अपने कार्यकाल के दौरान नशा विरोधी जागरुकता अभियान शुरू करवाए थे। इस अवसर पर आईआरपी 19वीं बटालियन के एसपी संतोख राज, एसपी दिवाकर सिंह, उपप्रधानाचार्य सतीश चंदेल, डिप्टी एसपी उपदेश कुमार, डिप्टी एसपी दीपक तुफ्ची, सीनियर लेक्चरर दविंदर कौर, लेक्चरर सुरिंदर कुमार, एसआई पल्लवी राजपूत और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एसआई तरुण गंडोत्रा ने भी विद्यार्थियों को नशे से बचने के लिए जागरूक किया।
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कार्यक्रम में आईआरपी 19वीं बटालियन के कमांडेंट एसएसपी बेनाम तोष ने शिक्षकों की मौजूदगी में विद्यार्थियों को दृढ़ निश्चय के साथ नशा मुक्ति से दूर रहने का संकल्प दिलाया। उन्होंने खेल, सांस्कृतिक और गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छात्रों को प्रोत्साहित किया। वहीं स्कूल के प्रधानाचार्य देविंदर पाल सिंह ने नशे के दुष्प्रभाव पर जागरूक किया। आईआरपी 19वीं बटालियन के कमांडेंट, डिप्टी कमांडेंट और अन्य अधिकारियों का आभार जताया।
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अपने संबोधन में बेनाम तोष ने छात्रों से नशा करने वालों और उनकी संगत से बचने को कहा। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग से समाज में अवसाद, आत्महत्या, हत्या और अन्य अपराधों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं, विचारकों, प्रमुख नागरिकों, पंचायती राज संस्थाओं, लंबरदारों, चौकीदारों, प्रशासकों, शिक्षाविदों और पुलिस अधिकारियों को विशेषकर छात्रों को इससे बचाने के लिए कहा। अपने अनुभव साझा करते हुए बेनाम तोष ने छात्रों को बताया कि 21 साल पहले जब वे डिप्टी एसपी थे, तब उन्होंने भारत दर्शन पर व्यक्तिगत रूप से कठुआ के विभिन्न स्कूलों के 76 छात्रों का नेतृत्व किया था। उन्होंने कठुआ जिले में दूर-दूर तक यात्रा के साथ यहां के कई स्कूलों और कॉलेजों का दौरा किया था। डिप्टी एसपी रूप में अपने कार्यकाल के दौरान नशा विरोधी जागरुकता अभियान शुरू करवाए थे। इस अवसर पर आईआरपी 19वीं बटालियन के एसपी संतोख राज, एसपी दिवाकर सिंह, उपप्रधानाचार्य सतीश चंदेल, डिप्टी एसपी उपदेश कुमार, डिप्टी एसपी दीपक तुफ्ची, सीनियर लेक्चरर दविंदर कौर, लेक्चरर सुरिंदर कुमार, एसआई पल्लवी राजपूत और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एसआई तरुण गंडोत्रा ने भी विद्यार्थियों को नशे से बचने के लिए जागरूक किया।
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