कठुआ। मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए किसानों ने फसलों को समेटना शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पूर्व हुई बारिश और तेज हवा से पकी हुई फसलें ढह गई थीं, जिनकी कटाई किसानों ने शुरू कर दी थी। मंगलवार को दोपहर बाद तेजी से छाए बादलों को देख किसानों ने काटी गई फसलों को समेटना शुुरू कर दिया। किसानों का कहना था काटी गई फसलों को यदि बारिश से पूर्व समेटा नहीं गया तो नुकसान ज्यादा हो सकता है। इसके अलावा धान खरीद मंडियां भी एक अक्टूबर से ही खुलेंगी। ऐसे में फसल को इतने दिनों तक संभालना भी किसानों के लिए मुश्किल है। वहीं मौसम विशेषज्ञों ने कहा है कि बुधवार की रात से बारिश शुरू होगी जिसके सप्ताह के अंत तक तेज होने की संभावना।
किसान गारी लाल, मुख्तियार चंद, भोलू सिंह, कुलवीर सिंह ने बताया कि लगभग पक चुकी धान की फसल कुछ दिनों पूर्व हुई बारिश और उसके बाद चली तेज हवा के कारण ढह गई थी। ढही हुई फसल को खेतों में जमा पानी से नुकसान हो रहा था। जिसकी वजह से उन्हें समय से पूर्व ही फसल को काटना पड़ा। बताया कि आमूमन फसल को काटने के बाद चार से पांच दिनों के लिए खेतों में ही छोड़ दिया जाता है और पूरी तरह से सूखने के बाद ही उसको झाड़ने का कार्य शुरू किया जाता है। लेकिन एकाएक बदले मौसम ने किसानों को गीली फसल को ही समेटने के लिए मजबूर कर दिया है। कहा कि मौसम ऐसा है कि किसानों की स्थिति एक ओर खाई और दूसरी ओर कुंआ की हो गई है। बताया कि बरसात के मौसम में हुई अच्छी बारिश से उन्हें बंपर पैदावार की उम्मीद थी लेकिन सितंबर महीने में हो रही बारिश पकी हुई फसलों के लिए नुकसादायक है। किसानों ने आगे कहा कि धान खरीद मंडियां भी अभी तक नहीं खुली हैं। ऐसे में समेटी गई फसलों को रखरखाव को लेकर भी किसान चिंतित हैं।