{"_id":"57c33bf74f1c1b1d39d4f056","slug":"farmers-are-angry","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद, बीज न मिलने से किसानों में रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाद, बीज न मिलने से किसानों में रोष
ब्यूरो/ कठुअा
Updated Mon, 29 Aug 2016 01:01 AM IST
विज्ञापन
खेती
- फोटो : ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय किसान संघ की ओर से रविवार को एक बैठक हुई। बैठक में किसानों ने कहा कि अब उन्हें सरकार से कोई आस नहीं है। किसानों को न तो खाद मिल रही है और न ही बीज ऐसे में वे भला कैसे खेती करें? खेती अब आम किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है। खेती से लाभ कमाना तो दूर अब उनके लिए फसल की लागत निकालना भी मुश्किल होता जा रहा है।
विज्ञापन
सरकार ने किसानों के लिए योजनाएं तो बनाईं, लेकिन उन्हें अमल में लाने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किया जा रहा है। नतीजा किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। ऐसे में सरकार को या तो नीतियों में बदलाव करना होगा या फिर किसानों के गुस्से का सामना करना होगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान शिवदेव सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से राज्य में किसानों की स्थिति खराब होती जा रही है।
विज्ञापन
सरकार को किसानों की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि किसान हर बार मौसम की मार झेलता है, लेकिन सरकार उनकी कोई खास मदद नहीं करती। किसानों को न तो समय पर सही बीज मिलता है और न ही खाद, ऐसे में कम पैदावार के चलते किसानों को खेती से कोई लाभ नहीं होता है। लाभ की तो बात ही छोड़ दिया जाए फसल की लागत निकालना ही किसानों के लिए मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी नीतियों को अमलीजामा पहनाने के लिए कुछ सख्त कदम उठाने होंगे। जमीनी स्तर पर नीतियों के कार्यान्वयन के लिए सरकार को निगरानी की एक व्यवस्था बनानी होगी तभी सरकारी नीतियों का फायदा किसानों तक पहुंचेगा। खरीद पर बीज और खाद की उपलब्धता को भी जांचना होगा, तभी किसानों की स्थिति को संभाला जा सकता है।