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पेयजल समस्या को समाधान किए जाने की उठाई मांग
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पेयजल समस्या का समाधान किए जाने की मांग लेकर जलशक्ति विभाग के कार्यालय पहुंचे वार्ड 4 के लोग, संवा?
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। शहर के वार्ड 4 के लोग करीब छह माह से पेयजल किल्लत का सामना कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जल विभाग के तैनात कर्मचारियों से जब भी शिकायत की जाए, तो वे बेकार के बहाने बनाकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। इसी को लेकर सोमवार को उन्होंने जल शक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता विक्रम डोगरा से मिलकर समस्या के समाधान की मांग की है।
स्थानीय लोगों का नेतृत्व कर रहे सुनील वर्मा ने बताया कि वार्ड में विभाग की अनियमित पेयजल आपूर्ति लोगों के लिए मुसीबत का कारण बन रही है। तीन से चार दिन के बाद आने वाले पानी का कोई समय निर्धारित नहीं है। जिसके चलते लोगों को पूरा-पूरा दिन सिर्फ नल की ओर नजर टिकाए रखना पड़ता है। लोगों के घरों में कई बार ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है कि पीने के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं होता है। इस बारे में जब वहां तैनात कर्मचारियों से बात की जाती है, तो कभी वे बिजली न होने का बहाना बनाते हैं, तो कभी वाल्व खराब या पाइप में लीकेज हो जाना जैसी बेतुकी समस्याएं रखकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग की इस तरह की कार्यप्रणाली का खामियाजा सबसे ज्यादा महिलाओं को भुगतना पड़ता है। जिससे लोगों में अब रोष बढ़ रहा है। उन्होंने कार्यकारी अभियंता से समस्या का स्थायी समाधान किए जाने की मांग की है। ताकि, लोगों को पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए धरना प्रदर्शन न करना पड़े। वहीं, कार्यकारी अभियंता ने लोगों की समस्या सुनने के बाद उन्हें आश्वासन दिया कि वह विभाग के एईई को मौके पर भेजकर समस्या की जानकारी लेने के लिए कहेंगे। जो भी समस्याएं होंगी उनका समाधान किया जाएगा।
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स्थानीय लोगों का नेतृत्व कर रहे सुनील वर्मा ने बताया कि वार्ड में विभाग की अनियमित पेयजल आपूर्ति लोगों के लिए मुसीबत का कारण बन रही है। तीन से चार दिन के बाद आने वाले पानी का कोई समय निर्धारित नहीं है। जिसके चलते लोगों को पूरा-पूरा दिन सिर्फ नल की ओर नजर टिकाए रखना पड़ता है। लोगों के घरों में कई बार ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है कि पीने के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं होता है। इस बारे में जब वहां तैनात कर्मचारियों से बात की जाती है, तो कभी वे बिजली न होने का बहाना बनाते हैं, तो कभी वाल्व खराब या पाइप में लीकेज हो जाना जैसी बेतुकी समस्याएं रखकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
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उन्होंने कहा कि विभाग की इस तरह की कार्यप्रणाली का खामियाजा सबसे ज्यादा महिलाओं को भुगतना पड़ता है। जिससे लोगों में अब रोष बढ़ रहा है। उन्होंने कार्यकारी अभियंता से समस्या का स्थायी समाधान किए जाने की मांग की है। ताकि, लोगों को पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए धरना प्रदर्शन न करना पड़े। वहीं, कार्यकारी अभियंता ने लोगों की समस्या सुनने के बाद उन्हें आश्वासन दिया कि वह विभाग के एईई को मौके पर भेजकर समस्या की जानकारी लेने के लिए कहेंगे। जो भी समस्याएं होंगी उनका समाधान किया जाएगा।
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