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पेयजल संकट संकट गहराया, लोग परेशान

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Drinking water crisis deepens, people upset
बिलावर। उपमंडल मुख्यालय सहित इलाके के कई गांवों में पिछले 4 दिनों से पेयजल आपूर्ति प्रभावित है। इससे इलाके के हजारों लोगों को इन दिनों पेयजल के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जल शक्ति विभाग की अस्थायी कर्मियों की हड़ताल के चौथे दिन पंपिंग स्टेशनों पर बूस्टिंग न होने के कारण इलाके में पेयजल संकट गहरा गया है। इससे इन दिनों कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति ठप है और लोग इलाके में स्थित प्राकृतिक जल स्रोतों या फिर हैंडपंपों से पानी लाने को मजबूर हो गए हैं।
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बिलावर निवासी रमेश चंद्र खजुरिया, उत्तर कुमार खजूरिया, रमेश कुमार कश्यप, पूर्णचंद, यश मंसौतरा और अन्य कई लोगों ने बताया कि उपमंडल मुख्यालय के वार्ड 10, वार्ड 4, वार्ड 6 और वार्ड 7 में पेयजल संकट गहरा गया है। लोगों को इन दिनों निजी पानी के टैंकर मंगवा कर गुजारा करना पड़ रहा है। इससे लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पेयजल की समस्या के समाधान के लिए स्थानीय कई लोगों का शिष्टमंडल जल शक्ति विभाग बिलावर के एईई से भी मिला। साथ ही शिष्टमंडल ने एडीसी बिलावर के कार्यालय में जाकर समस्या के बारे में अधिकारी को अवगत करवाया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। संबंधित विभाग लोगों को पेयजल आपूर्ति देने में असफल हो गया है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि इलाके में पेयजल आपूर्ति सुचारु करने के लिए जल्द से जल्द कोई इंतजाम किया जाए। उधर जिन इलाकों में ग्रेविटी के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जाती है उन इलाकों में पेयजल आपूर्ति बहाल रही।
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जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने चौथे दिन भी कोई कामकाज नहीं किया और ज्यादातर पंपिंग स्टेशनों पर अस्थायी कर्मियों ने काम छोड़ हड़ताल पर बैठकर सरकार की नीतियों को कोसा। बीरबल, कमलेश, बिक्कू, अल्ताफ, अमित और अन्य अस्थायी कर्मचारियों ने कहा कि सरकार उनके साथ मजाक कर रही है। पिछले 25 वर्षों से लगातार जल शक्ति विभाग में सेवाएं देने के बावजूद उनके लिए आज तक कोई भी भर्ती नीति नहीं बनाई गई है। ना ही उन्हें पिछले 70 महीने का बकाया वेतन दिया गया है। इससे अस्थायी कर्मचारी काम छोड़ हड़ताल करने को मजबूर हुए हैं। अस्थायी कर्मचारियों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी लंबित मांगों को पूरा नहीं करती और उनके लिए भर्ती नीति नहीं बनाई जाती तब तक सभी अस्थायी कर्मचारी सेवाएं नहीं देंगे और काम छोड़ हड़ताल जारी रखेंगे।
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