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अगले वर्ष जनवरी से सेवा दो परियोजना में पुन: उत्पादन संभव
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एचआरटी टनल की खुदाई का काम पूरा होने के बारे में जानकारी देती एनएचपीसी टीम, विज्ञप्ति।
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। सितंबर 2020 में हेड रेस टनल के क्षतिग्रस्त होने से ठप हुई एनएचपीसी संचालित सेवा जलविद्युत परियोजना नववर्ष से फिर बिजली उत्पादन करने लगेगी। परियोजना की हेड रेस टनल की मरम्मत कार्य में महत्वपूर्ण चरण का काम पूरा कर लिया गया है।
नई एलाइनमेंट में 720 मीटर टनल को खोदकर दोनों सिरे निकाल लिए गए हैं। यह काम निर्धारित समय अवधि में पूरा कर लिया गया है। परियोजना के अधिकारियों की मानें तो दिसंबर अंत तक टनल का काम पूरा कर लिया जाएगा। और जनवरी 2022 से जलाशय को भरने के साथ ही बिजली उत्पादन शुरू किया जाएगा।
परियोजना के महाप्रबंधक सुप्रकाश अधिकारी ने बताया कि टनल धंसने के बाद नई एलाइनमेंट में किए जा रहे काम में मुख्य चुनौतीपूर्ण काम नई टनल की खुदाई का था। सितंबर अंत तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे कई बाधाओं के बाद भी पूरा कर लिया गया है। लाइनिंग, ग्राउंटिंग, आदि का काम बाकी है जिसे दिसंबर अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ही पानी छोड़कर टर्बाइन चलाई जा सकती है।
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कांट्रैक्टर ने बताया कि वेंचर कंपनी को टनल बनाने का काम दिया गया था। यह काफी चुनौतीपूर्ण काम रहा है। एडिट दो में काम करते समय खोखली जगह निकल आई, तो वहीं एडिट एक में पानी के बहाव का सामना करना पड़ा। इसके अलावा कई जगह पत्थर गिरे, और एक जेसीबी दब गई। अतिरिक्त मशीनें लगाकर दिसंबर तक लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा। मौके पर पहुंचे एसडीएम बनी जोगिंद्र सिंह जसरोटिया ने उम्मीद जताई है कि तय समयावधि के भीतर काम को पूरा कर इस परियोजना से राष्ट्र को फिर लाभान्वित किया जा सकेगा।
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परियोजना न चलने से 272 करोड़ से अधिक का घाटा
हेड रेस टनल की नई एलाइनमेंट को लेकर जहां तेजी से सेवा परियोजना में काम जारी है। वहीं, बीते वर्ष अक्टूबर माह से बंद रही इस परियोजना के चलते लगभग 272 करोड़ की बिजली का उत्पादन नहीं हो सका। परियोजना में बिजली उत्पादन ठप रहने से हुए नुकसान के अतिरिक्त टनल को फिर से तैयार करने में आया खर्च अतिरिक्त है। बिजली उत्पादन ठप रहने से गर्मियों में जिले में बिजली संकट भी बढ़ गया। 120 मेगावाट की सेवा परियोजना के ठप होने से कई अन्य राज्यों में बिजली संकट गहराया हुआ है। जम्मू-कश्मीर को इस परियोजना से 23 मेगावाट बिजली उत्पादन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। अधिक नुकसान कठुआ जिले को झेलना पड़ता है जहां गर्मी में सेवा परियोजना से बिजली हासिल की जाती रही है। परियोजना महाप्रबंधक ने बताया कि टैरिफ के अनुसार औसतन सेवा दो जलविद्युत परियोजना 75 लाख रुपये की बिजली पैदा करती रही है। पानी अधिक उपलब्ध होने पर बिजली उत्पादन प्रतिदिन एक करोड़ तक पहुंच जाता है। औसत के अनुसार परियोजना ठप रहने से 272 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा है।
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25 सितंबर 2020 को भूस्खलन से हुआ नुकसान
पिछले साल 25 सितंबर को भूस्खलन के चलते सेवा परियोजना की हेड रेस टनल में से पानी का बहाव सेवा नदी की तरफ हो गया था। सुरंग के एडिट-दो में तैनात एनएचपीसी कार्मिक एवं स्थानीय निवासियों की सूचना पर अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। प्रभावित स्थल के आसपास के निवासियों को भी नुकसान वाली जगह से दूर रहने को कहा गया। 26 सितंबर को परियोजना के तत्कालीन महाप्रबंधक बेदी राम ने वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम के साथ घटनास्थल का जायजा लिया, जिसमें पाया कि एडिट-दो से बांध परिसर की तरफ तीन सौ से चार सौ मीटर तक के स्थान के पास सेवा-दो पावर स्टेशन की हेड रेस टनल का बड़ा हिस्सा बह चुका है। यह मामला एनएचपीसी से संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया और मुख्यालय से इंजीनियरिंग भूविज्ञान, डिजाइन व इंजीनियरिंग, संचालन एवं रखरखाव और परियोजना जांच प्रभागों के विशेषज्ञों की एक टीम घटना के अगले दिन मौके पर पहुंची। इसके बाद से आंकलन जारी है। एनएचपीसी के अधिकारियों ने बताया कि टनल का लगभग सौ मीटर हिस्सा बह चुका है। इसके परिणामस्वरूप, पावर स्टेशन को बंद करना पड़ेगा। इसके बाद जलाशय को भी खाली कर दिया गया। तब से यह परियोजना ठप पड़ी हुई है।
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नई एलाइनमेंट में 720 मीटर टनल को खोदकर दोनों सिरे निकाल लिए गए हैं। यह काम निर्धारित समय अवधि में पूरा कर लिया गया है। परियोजना के अधिकारियों की मानें तो दिसंबर अंत तक टनल का काम पूरा कर लिया जाएगा। और जनवरी 2022 से जलाशय को भरने के साथ ही बिजली उत्पादन शुरू किया जाएगा।
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परियोजना के महाप्रबंधक सुप्रकाश अधिकारी ने बताया कि टनल धंसने के बाद नई एलाइनमेंट में किए जा रहे काम में मुख्य चुनौतीपूर्ण काम नई टनल की खुदाई का था। सितंबर अंत तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे कई बाधाओं के बाद भी पूरा कर लिया गया है। लाइनिंग, ग्राउंटिंग, आदि का काम बाकी है जिसे दिसंबर अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ही पानी छोड़कर टर्बाइन चलाई जा सकती है।
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कांट्रैक्टर ने बताया कि वेंचर कंपनी को टनल बनाने का काम दिया गया था। यह काफी चुनौतीपूर्ण काम रहा है। एडिट दो में काम करते समय खोखली जगह निकल आई, तो वहीं एडिट एक में पानी के बहाव का सामना करना पड़ा। इसके अलावा कई जगह पत्थर गिरे, और एक जेसीबी दब गई। अतिरिक्त मशीनें लगाकर दिसंबर तक लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा। मौके पर पहुंचे एसडीएम बनी जोगिंद्र सिंह जसरोटिया ने उम्मीद जताई है कि तय समयावधि के भीतर काम को पूरा कर इस परियोजना से राष्ट्र को फिर लाभान्वित किया जा सकेगा।
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परियोजना न चलने से 272 करोड़ से अधिक का घाटा
हेड रेस टनल की नई एलाइनमेंट को लेकर जहां तेजी से सेवा परियोजना में काम जारी है। वहीं, बीते वर्ष अक्टूबर माह से बंद रही इस परियोजना के चलते लगभग 272 करोड़ की बिजली का उत्पादन नहीं हो सका। परियोजना में बिजली उत्पादन ठप रहने से हुए नुकसान के अतिरिक्त टनल को फिर से तैयार करने में आया खर्च अतिरिक्त है। बिजली उत्पादन ठप रहने से गर्मियों में जिले में बिजली संकट भी बढ़ गया। 120 मेगावाट की सेवा परियोजना के ठप होने से कई अन्य राज्यों में बिजली संकट गहराया हुआ है। जम्मू-कश्मीर को इस परियोजना से 23 मेगावाट बिजली उत्पादन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। अधिक नुकसान कठुआ जिले को झेलना पड़ता है जहां गर्मी में सेवा परियोजना से बिजली हासिल की जाती रही है। परियोजना महाप्रबंधक ने बताया कि टैरिफ के अनुसार औसतन सेवा दो जलविद्युत परियोजना 75 लाख रुपये की बिजली पैदा करती रही है। पानी अधिक उपलब्ध होने पर बिजली उत्पादन प्रतिदिन एक करोड़ तक पहुंच जाता है। औसत के अनुसार परियोजना ठप रहने से 272 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा है।
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25 सितंबर 2020 को भूस्खलन से हुआ नुकसान
पिछले साल 25 सितंबर को भूस्खलन के चलते सेवा परियोजना की हेड रेस टनल में से पानी का बहाव सेवा नदी की तरफ हो गया था। सुरंग के एडिट-दो में तैनात एनएचपीसी कार्मिक एवं स्थानीय निवासियों की सूचना पर अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। प्रभावित स्थल के आसपास के निवासियों को भी नुकसान वाली जगह से दूर रहने को कहा गया। 26 सितंबर को परियोजना के तत्कालीन महाप्रबंधक बेदी राम ने वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम के साथ घटनास्थल का जायजा लिया, जिसमें पाया कि एडिट-दो से बांध परिसर की तरफ तीन सौ से चार सौ मीटर तक के स्थान के पास सेवा-दो पावर स्टेशन की हेड रेस टनल का बड़ा हिस्सा बह चुका है। यह मामला एनएचपीसी से संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया और मुख्यालय से इंजीनियरिंग भूविज्ञान, डिजाइन व इंजीनियरिंग, संचालन एवं रखरखाव और परियोजना जांच प्रभागों के विशेषज्ञों की एक टीम घटना के अगले दिन मौके पर पहुंची। इसके बाद से आंकलन जारी है। एनएचपीसी के अधिकारियों ने बताया कि टनल का लगभग सौ मीटर हिस्सा बह चुका है। इसके परिणामस्वरूप, पावर स्टेशन को बंद करना पड़ेगा। इसके बाद जलाशय को भी खाली कर दिया गया। तब से यह परियोजना ठप पड़ी हुई है।