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सड़क पर गड्ढों से परेशान लोगों ने दी धरने की चेतावनी
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भैईया से कोमला जाने वाली खस्ताहाल सड़क, संवाद।
- फोटो : KATHUA
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रामकोट। रामकोट के भेईया से कोमला जाने वाली सड़क दो सालों से गड्ढों में तब्दील हो गई है। इससे निराश होकर लोगों ने पीडब्ल्यूडी विभाग को धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
सरनी के जोगिंदर कुमार ने बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग ने पांच साल पहले इस सड़क का निर्माण कार्य और अर्थ वर्क करीब चार किलोमीटर किया गया था। इसमें केवल एक किलोमीटर ही तारकोल बिछाया गया था। बाकी तीन किलोमीटर सड़क बारिश के कारण इस तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है, कि सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सड़क न बनने से कलयाल गांव के लोगों को अपने घर तक निर्माण सामग्री पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।
पंच रुखसार अख्तर ने बताया कि किलयाल गांव की करीब 500 के लगभग आबादी है। लेकिन, सड़क का निर्माण कार्य शुरू न होने से लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। विभाग से कई बार कहा गया, तब जाकर उन्होंने दो महीने पहले मिट्टी डाली थी। लेकिन, वह मिट्टी भी बरसात के मौसम में पूरी तरह बह गई है। धार सड़क से कोमला जाने वाली सड़क शुरू होते ही करीब तीन-तीन फुट गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों से छोटी गाड़ियां काफी मुश्किल से निकल पाती हैं।
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पंच मोहनलाल ने बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग ने केवल एक बार सड़क पर तारकोल बिछाया था। इसके बाद सड़क की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क की मरम्मत को लेकर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो विभाग के प्रति धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।
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सरनी के जोगिंदर कुमार ने बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग ने पांच साल पहले इस सड़क का निर्माण कार्य और अर्थ वर्क करीब चार किलोमीटर किया गया था। इसमें केवल एक किलोमीटर ही तारकोल बिछाया गया था। बाकी तीन किलोमीटर सड़क बारिश के कारण इस तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है, कि सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सड़क न बनने से कलयाल गांव के लोगों को अपने घर तक निर्माण सामग्री पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।
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पंच रुखसार अख्तर ने बताया कि किलयाल गांव की करीब 500 के लगभग आबादी है। लेकिन, सड़क का निर्माण कार्य शुरू न होने से लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। विभाग से कई बार कहा गया, तब जाकर उन्होंने दो महीने पहले मिट्टी डाली थी। लेकिन, वह मिट्टी भी बरसात के मौसम में पूरी तरह बह गई है। धार सड़क से कोमला जाने वाली सड़क शुरू होते ही करीब तीन-तीन फुट गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों से छोटी गाड़ियां काफी मुश्किल से निकल पाती हैं।
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पंच मोहनलाल ने बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग ने केवल एक बार सड़क पर तारकोल बिछाया था। इसके बाद सड़क की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क की मरम्मत को लेकर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो विभाग के प्रति धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।