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Kathua News: न्यायालय के आदेश को लागू करवाने की मांग
Tue, 06 May 2025 01:54 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 06 May 2025 01:54 AM IST
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कठुआ। जम्मू-कश्मीर लद्दाख ऑल डिपार्टमेंट्स क्लेरिकल स्टाफ एसोसिएशन जिला यूनिट कठुआ की बैठक का आयोजन किया गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोहर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण जम्मू पीठ द्वारा 4 अक्टूबर 2024 को पारित आदेश पर चर्चा की गई, जिसमें स्थानांतरित आवेदन संख्या 861/2020 के पक्ष में फैसला सुनाया गया था।
बैठक के उपरांत एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि अदालत ने एसआरओ 333 दिनांक 2 अगस्त 2018 के उस हिस्से को निरस्त कर दिया, जिसमें उन्नयन को भविष्य प्रभाव से लागू करने की बात थी। न्यायाधिकरण ने निर्देश दिया कि आवेदकों को एसआरओ 333 के तहत 1 जनवरी 1996 से राष्ट्रीय स्तर पर और 19 फरवरी 2003 से वित्तीय रूप से लाभ दिया जाए, जैसा कि अकाउंट्स कैडर, एनिमल व शीप हसबेंड्री कैडर, पटवारी और अनुभाग अधिकारियों को दिया गया था। यह प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी की जानी चाहिए। लेकिन सरकार ने निर्धारित समय सीमा में न्यायाधिकरण के आदेश को लागू नहीं किया।
जिसके बाद एसोसिएशन ने पुनः न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटाया और 27 मार्च 2025 को सरकार को चार सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि क्लेरिकल कैडर बीते 20 वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है और 70 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सेवानिवृत्त कर्मियों की उम्र को ध्यान में रखते हुए एसोसिएशन ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री से न्यायाधिकरण के आदेश को लागू करने के लिए व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।
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इस मौके पर नवीन चंद्र, कुलदीप कुमार, सुरिंदर सिंह, प्रमोद रत्ता, राम मूर्ति, पवन कुमार शर्मा, करण सिंह जसरोटिया, देवेंद्र सिंह आदि भी मौजूद रहे। संवाद
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बैठक के उपरांत एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि अदालत ने एसआरओ 333 दिनांक 2 अगस्त 2018 के उस हिस्से को निरस्त कर दिया, जिसमें उन्नयन को भविष्य प्रभाव से लागू करने की बात थी। न्यायाधिकरण ने निर्देश दिया कि आवेदकों को एसआरओ 333 के तहत 1 जनवरी 1996 से राष्ट्रीय स्तर पर और 19 फरवरी 2003 से वित्तीय रूप से लाभ दिया जाए, जैसा कि अकाउंट्स कैडर, एनिमल व शीप हसबेंड्री कैडर, पटवारी और अनुभाग अधिकारियों को दिया गया था। यह प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी की जानी चाहिए। लेकिन सरकार ने निर्धारित समय सीमा में न्यायाधिकरण के आदेश को लागू नहीं किया।
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जिसके बाद एसोसिएशन ने पुनः न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटाया और 27 मार्च 2025 को सरकार को चार सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि क्लेरिकल कैडर बीते 20 वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है और 70 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सेवानिवृत्त कर्मियों की उम्र को ध्यान में रखते हुए एसोसिएशन ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री से न्यायाधिकरण के आदेश को लागू करने के लिए व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।
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इस मौके पर नवीन चंद्र, कुलदीप कुमार, सुरिंदर सिंह, प्रमोद रत्ता, राम मूर्ति, पवन कुमार शर्मा, करण सिंह जसरोटिया, देवेंद्र सिंह आदि भी मौजूद रहे। संवाद