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नुकनाली के पहाड़ों पर गूंजे चंडी मैया के जयकारे
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कठुआ। बर्फ से लदे नुकनाली के दूरदराज पहाड़ों पर मंगलवार की सुबह चंडी मैया के जयकारे गूंजते रहे। गगनचुंबी पर्वतों की श्रंखला को पार करते हुए भक्तों ने मंगलवार तड़के अनहोर से नुकनाली का सफर शुरू किया।
पहाड़ी चोटियां बर्फ से ढंकने के कारण भक्तों की दिक्कतें काफी थी, लेकिन आस्था के आगे कोई भी दिक्क्त नहीं टिक पाई। कई भक्त नंगे पांव ही माता के दर्शन को पहुंचे थे। कई घंटे का पैदल सफर तय कर यात्रा लंबी तलाई से नुकनाली की चोटी पर पहुंची। यहां भक्तों ने महामाई के दर्शन किए।
यात्रा में इस बार दो हजार से अधिक भक्तों ने भाग लिया है। दौले माता मंदिर, ढाडू, छपाडू, बनी आदि इलाकों से भक्तों के जत्थे महामाई के दर्शनों के लिए सोमवार सुबह रवाना हुए थे। रात अनहोर के जंगलों में गुजारने के बाद यात्रस नुकनाली के लिए वार्षिक यात्रा रवाना हुई, तो आसपास के पहाड़ भी जयकारों से गूंज उठे।
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पहाड़ी चोटियां बर्फ से ढंकने के कारण भक्तों की दिक्कतें काफी थी, लेकिन आस्था के आगे कोई भी दिक्क्त नहीं टिक पाई। कई भक्त नंगे पांव ही माता के दर्शन को पहुंचे थे। कई घंटे का पैदल सफर तय कर यात्रा लंबी तलाई से नुकनाली की चोटी पर पहुंची। यहां भक्तों ने महामाई के दर्शन किए।
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यात्रा में इस बार दो हजार से अधिक भक्तों ने भाग लिया है। दौले माता मंदिर, ढाडू, छपाडू, बनी आदि इलाकों से भक्तों के जत्थे महामाई के दर्शनों के लिए सोमवार सुबह रवाना हुए थे। रात अनहोर के जंगलों में गुजारने के बाद यात्रस नुकनाली के लिए वार्षिक यात्रा रवाना हुई, तो आसपास के पहाड़ भी जयकारों से गूंज उठे।
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