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मां के जयकारों से गूंजा जोड़ेयां पर्वत
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कठुआ/बनी। पहले नवरात्र पर जिले के दूरदराज शीतला माता के मंदिर में भक्तों की आस्था देखते ही बनती थी। जोडेयां माता मंदिर में वीरवार को लगभग डेढ़ हजार से अधिक भक्तों ने दर्शन किए। यह सिलसिला रात तक जारी रहा।
नवरात्र के पहले दिन सुबह छह बजे माता के गृहस्थान दन्नी गांव से माता की निशान यात्रा पालकी में मंदिर के लिए रवाना हुई। ढोल-नगाड़ों के साथ सैकड़ों श्रद्धालु व कुडेरिया वंश के पुजारियों ने माता की निशान यात्रा की अगुवाई की। दरबार पर यात्रा पहुंचने पर मां जोड़ेयां के जयकारों से मंदिर व आसपास की पर्वत श्रंखलाएं गूंज उठीं। इस अवसर पर आरती उतारी गई और हवन कर मां को भोग लगाने की परंपरा पूरी की गई। इसके उपरांत दरबार को दर्शनों के लिए खोल दिया गया। देर शाम तक श्रद्धालुओं के मंदिर में पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
वहीं, यात्रा स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए लंगरों को भी खोल दिया गया। मां जोड़ेयां वेलफेयर कमेटी बनी की ओर से दरबार में श्रद्धालुओं के ठहराव के इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्ग पर बसोहली से आई लंगर कमेटियों ने लंगर की व्यवस्था कर रखी है। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए सुरक्षा भी दुरुस्त है। मंदिर कमेटी और लंगर कमेटियां कोरोना नियमों का पालन कर रही हैं। मंदिर परिसर में इस बार मेले को अनुमति नहीं दी गई है। वहीं, टीका लगवा चुके लोगों को ही दर्शनों के लिए जाने की अनुमति दी जा रही है।
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नवरात्र के पहले दिन सुबह छह बजे माता के गृहस्थान दन्नी गांव से माता की निशान यात्रा पालकी में मंदिर के लिए रवाना हुई। ढोल-नगाड़ों के साथ सैकड़ों श्रद्धालु व कुडेरिया वंश के पुजारियों ने माता की निशान यात्रा की अगुवाई की। दरबार पर यात्रा पहुंचने पर मां जोड़ेयां के जयकारों से मंदिर व आसपास की पर्वत श्रंखलाएं गूंज उठीं। इस अवसर पर आरती उतारी गई और हवन कर मां को भोग लगाने की परंपरा पूरी की गई। इसके उपरांत दरबार को दर्शनों के लिए खोल दिया गया। देर शाम तक श्रद्धालुओं के मंदिर में पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
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वहीं, यात्रा स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए लंगरों को भी खोल दिया गया। मां जोड़ेयां वेलफेयर कमेटी बनी की ओर से दरबार में श्रद्धालुओं के ठहराव के इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्ग पर बसोहली से आई लंगर कमेटियों ने लंगर की व्यवस्था कर रखी है। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए सुरक्षा भी दुरुस्त है। मंदिर कमेटी और लंगर कमेटियां कोरोना नियमों का पालन कर रही हैं। मंदिर परिसर में इस बार मेले को अनुमति नहीं दी गई है। वहीं, टीका लगवा चुके लोगों को ही दर्शनों के लिए जाने की अनुमति दी जा रही है।
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