फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   bill defaulters electricity connection will cut

बिल न चुकाने वाले विभागों पर गिरेगी बिजली

Sun, 26 Feb 2017 12:47 AM IST
ब्यूरो/कठुआ
ब्यूरो/कठुआ Updated Sun, 26 Feb 2017 12:47 AM IST
विज्ञापन
bill defaulters electricity connection will cut
बिजली का बिल

एक तरफ राज्य सरकार एमनेस्टी स्कीम की मियाद बढ़ाकर लोगों को कायदे से बिजली बिल चुकाने का पाठ पढ़ा रही है, वहीं जिले में कई ऐसे विभाग हैं, जो बिजली विभाग को ही चूना लगा रहे हैं। करोड़ों का बकाया हो जाने के बाद भी वे बिल चुकाने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसे में अब बिजली विभाग ने बकायेदार विभागों की सूची तैयार कर उनकी सप्लाई बंद करने का मन बना लिया है। बिजली विभाग ने बकायादार विभागों से मार्च तक बिल न जमा करवाने पर विद्युत आपूर्ति बंद करने की चेतावनी दी है।

विज्ञापन


पिछले एक दशक में खपत की गई बिजली का बिल भुगतान न करने वाले विभागों की सूची भी लंबी है। इन पर लाखों, करोड़ों की बकायादारी है, लेकिन बिल चुकाने के मामले में कन्नी काट लेते हैं। इनमें सबसे ऊपर कठुआ नगर परिषद और जिला की सभी नगर कमेटियां हैं, जिनकी बकायादारी दो करोड़ से भी अधिक है। इस साल इन्होंने 26 लाख से अधिक की बिजली फूंक दी है, लेकिन विभाग को एक फूटी कौड़ी तक जमा नहीं करवाई है। यह सिलसिला अभी शुरू नहीं हुआ है, पिछले कई वर्षों से ऐसा ही जारी है।
विज्ञापन


शिक्षा विभाग की स्थिति भी बेहतर नहीं है। विभाग पर पिछले कई वर्षों से बकायादारी इस कदर बढ़ चुकी है कि अब यह रकम कुल मिलाकर 41 लाख पहुंच गई है। लोक निर्माण विभाग ने इस साल दो लाख से अधिक की बिजली फूंक दी और लगभग डेढ़ लाख जमा भी करवा दिया है, लेकिन पिछली बकायादारी न चुकाए जाने से अब विभाग की देनदारी 13 लाख को पार कर गई है। राजस्व विभाग ने इस साल तीन लाख की बिजली फूंकी और मात्र 35 हजार ही जमा करवाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


हैरानी की बात यह है वित्तीय वर्ष की शुरुआत पर इन पर भी पांच लाख से अधिक की देनदारी थी, जो अब कुल मिलाकर 8 लाख को पार कर गई है। छोटे बकायादारों की सूची काफी लंबी है जो बिजली को लाखों और कई हजारों में फूंकते हैं, लेकिन बिल कुछ हजार का चुकाते हैं। इनमें आईटीआई, प्लानिंग विभाग, मछली पालन विभाग, जियोलाजी माइनिंग विभाग, लेबर कमिश्नर, फ्लोरिक्लचर विभाग, बाढ़ नियंत्रण विभाग, सिकॉप, गांधी सेवा सदन भी शामिल हैं।


बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता संदीप सेठ ने बताया कि कई विभाग ऐसे हैं, जिन पर करोड़ों की देनदारी है। बकायादार विभागों की सूची तैयार की गई है और उनसे अपील की गई है कि जल्द से जल्द बकाया राशि जमा करवाएं। जरूरी सेवाओं के विभागों को छोड़कर अन्य सभी विभागों की बिजली काटने की तैयारी है, जो बिल नहीं चुका रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed