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जम्मू-कश्मीर: परिसीमन आयोग के दौरे को लेकर राजनीतिक दल हुए सक्रिय, आयोग से मिलेगा अपनी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल
Sat, 03 Jul 2021 09:07 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Sat, 03 Jul 2021 09:07 PM IST
सार
बुखारी ने कहा, पार्टी ने परिसीमन को लेकर होमवर्क पूरा कर लिया।
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अल्ताफ बुखारी
- फोटो : अमर उजाला, फाइल
विस्तार
परिसीमन आयोग के छह से नौ जुलाई तक के दौरे के मद्देनजर राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं। बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है। जम्मू और कश्मीर संभाग के कई क्षेत्रों में नए विधानसभा क्षेत्र बनाने की मांग उठ खड़ी हुई है। जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष सैयद मोहम्मद अल्ताफ बुखारी ने कहा कि पार्टी के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल परिसीमन आयोग से मिलकर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करेगा।
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लाल चौक श्रीनगर में पार्टी मुख्यालय में बुखारी ने कहा कि अपनी पार्टी ने पहले ही परिसीमन को लेकर अपना होमवर्क पूरा कर लिया है और सीमाओं के समायोजन और विधानसभा क्षेत्रों की सीमा के विवरण पर आयोग के समक्ष याचिका दायर करेगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए एक क्षेत्र को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने के लिए जोर नहीं दिया जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि 24 जून को नई दिल्ली में आयोजित सर्वदलीय बैठक के दौरान परिसीमन प्रक्रिया के पूरा होने की प्रतीक्षा किए बिना जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने का अनुरोध किया था, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने तर्क दिया कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की तुलना असम के साथ नहीं की जा सकती, जहां प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी।
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यह जम्मू-कश्मीर में सीटों की संख्या में वृद्धि के कारण हो सकता है। उन्होंने कहा कि अपनी पार्टी ने श्रीनगर और जम्मू दोनों में अपने नेताओं के दो प्रतिनिधिमंडल बनाने का फैसला किया है, जो आयोग से मिलेंगे। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आयोग के सामने अपनी याचिकाएं दायर करने को भी कहा।
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नेकां ने परिसीमन आयोग के दौरे से पहले बुलाई बैठक
जम्मू-कश्मीर में परिसीमन आयोग के दौरे से पहले शनिवार को नेशनल कांफ्रेस के नेताओं ने श्रीनगर में स्थित पार्टी मुख्यालय में बैठक बुलाई। जानकारी के अनुसार आयोग के दौरे को लेकर सभी नेताओं ने अपने सुझाव पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के समक्ष रखे। बैठक की अगुवाई नेकां सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद अकबर लोन कर रहे थे।
उनके अलावा पार्टी जनरल सेक्रेटरी अली मोहम्मद सागर समेत प्रांतीय अध्यक्ष नासिर असलम वानी और अन्य नेता इस बैठक में शामिल हुए। हालांकि अभी तक पार्टी ने स्पष्ट नहीं किया कि क्या वह परिसीमन आयोग से मिलेंगे या नहीं, लेकिन हाल ही में हुई प्रेस वार्ता में उमर अब्दुल्ला ने परिसीमन आयोग से मिलने का इशारा दिया था।
2026 से पहले परिसीमन प्रक्रिया क्यों : एएनसी
वहीं अवामी नेशनल कांफ्रेंस (एएनसी) के अध्यक्ष मुजफ्फर शाह ने इस परिसीमन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मुल्क में परिसीमन प्रक्रिया पर 2026 तक फ्रीज लगी हुई है। इसलिए वह प्रधानमंत्री से पूछना चाहते हैं कि केवल जम्मू-कश्मीर में ही क्यों इस प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है और वो भी तब जब प्रदेश में विधानसभा नहीं है।
जम्मू-कश्मीर में परिसीमन आयोग के दौरे से पहले शनिवार को नेशनल कांफ्रेस के नेताओं ने श्रीनगर में स्थित पार्टी मुख्यालय में बैठक बुलाई। जानकारी के अनुसार आयोग के दौरे को लेकर सभी नेताओं ने अपने सुझाव पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के समक्ष रखे। बैठक की अगुवाई नेकां सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद अकबर लोन कर रहे थे।
उनके अलावा पार्टी जनरल सेक्रेटरी अली मोहम्मद सागर समेत प्रांतीय अध्यक्ष नासिर असलम वानी और अन्य नेता इस बैठक में शामिल हुए। हालांकि अभी तक पार्टी ने स्पष्ट नहीं किया कि क्या वह परिसीमन आयोग से मिलेंगे या नहीं, लेकिन हाल ही में हुई प्रेस वार्ता में उमर अब्दुल्ला ने परिसीमन आयोग से मिलने का इशारा दिया था।
2026 से पहले परिसीमन प्रक्रिया क्यों : एएनसी
वहीं अवामी नेशनल कांफ्रेंस (एएनसी) के अध्यक्ष मुजफ्फर शाह ने इस परिसीमन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मुल्क में परिसीमन प्रक्रिया पर 2026 तक फ्रीज लगी हुई है। इसलिए वह प्रधानमंत्री से पूछना चाहते हैं कि केवल जम्मू-कश्मीर में ही क्यों इस प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है और वो भी तब जब प्रदेश में विधानसभा नहीं है।