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अदालत परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश
जेएनएफ/जम्मू
Updated Fri, 18 Mar 2016 12:38 AM IST
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सीसीटीवी
- फोटो : demo
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हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एन पाल वसंथाकुमार और न्यायाधीश ताशी राबस्तन की खंडपीठ ने जम्मू और श्रीनगर कोर्ट कांप्लेक्स में लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरों को चार सप्ताह के अंदर लगाने के निर्देश दिए हैं। एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने पाया कि सरकार ने अपनी अनुपालन रिपोर्ट में कहा था कि जम्मू और श्रीनगर कोर्ट में 25-25 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं।
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इनमें से कुछ कैमरे ही लगाए गए। अदालत ने कहा कि राज्य के सिक्योरिटी विंग ने पहले ही सीसीटीवी कैमरे लगाने के स्थान तय कर लिए हैं। इसलिए शेष कैमरों को भी जल्द लगाया जाए। अदालत ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को कहा कि सीसीटीवी कैमरों के मानिटर लगाने के लिए परिसर में कमरा मुहैया करवाया जाए।
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याचिका में लोअर कोर्ट बिल्डिंग में स्थित मालखाने को भी शिफ्ट करने की अपील की गई, जहां कई जब्त विस्फोटक सामान रखे गए हैं। अदालत ने रजिस्ट्रार जनरल को चार सप्ताह के अंदर मालखाने के लिए कोई अन्य स्थान तलाश करने के निर्देश दिए।
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स्थान खोजने के बाद आदेश का अनुपालन किया जाए। सरकारी प्रतिवादी को भी निर्देश दिया गया कि नया मालखाना बनाने के लिए खुद बजट में प्रावधान करें। खंडपीठ ने कहा कि जहां तक मालखाने में रखे गए विस्फोटक को नष्ट करने का मामला है, सरकार खुद इसे नष्ट करे और जरूरत पड़ने पर सेना की मदद ले।
जब तक नया मालखाना नहीं बनता, तब तक नए आने वाले विस्फोट पदार्थों को पुलिस मालखाना या इस काम के लिए बने स्थानों पर रखा जाए। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने 16 फरवरी 2016 को हाईकोर्ट कांप्लेक्स में बहु एजेंसी सुरक्षा समीक्षा बैठक की रिपोर्ट भी पेश की।
खंडपीठ ने रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिए कि अदालतों की सुरक्षा के लिए बैठक में जिन चार प्रमुख प्वाइंट को चिन्हित किया गया, उस पर सरकारी अथारिटी से संपर्क कर आवश्यक कदम उठाए जाएं। यह सारी प्रक्रिया चार सप्ताह में पूरी कर ली जाए।