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हंदवाड़ा कांड: पीड़ित लड़की ने बदला बयान, पुलिस ने जबरदस्ती दिलवाया था बयान

Tue, 17 May 2016 11:20 AM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Tue, 17 May 2016 11:20 AM IST
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Handwara protests: Girl levels allegations against police
- फोटो : Amar Ujala

उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में 12 अप्रैल को कथित छेड़छाड़ की शिकार लड़की सोमवार को अपने बयान से पलट गई। उसने आरोप लगाया कि सेना के जवान ने उसका हाथ पकड़ा था। साथ ही पुलिस ने उससे जबरदस्ती झूठा बयान दिलवाया।

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21 दिन तक हिरासत में गाली गलौज कर उसे अपमानित किया गया। लड़की ने सेना और पुलिस के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए सिट को अर्जी भी दी है। माना जा रहा है कि अलगाववादियों तथा आतंकी संगठनों से धमकी मिलने के बाद लड़की बयान से पलटी है।
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सोमवार को पहली बार मीडिया के सामने आई लड़की अपने उस बयान से पलट गई, जो उसने बवाल के दौरान चीफ जूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करवाया था। उसमें उसने दो युवकों को जिम्मेदार ठहराया था। उसने कहा कि उस दिन जब वह शौचालय से निकल रही थी, तो सेना के एक जवान ने हाथ पकड़ लिया। वह वर्दी में था। वह चिल्लाते हुए वहां से भागी।

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हंदवाड़ा एसपी ने दबाव डालकर लिया था बयान

Handwara protests: Girl levels allegations against police
माता पिता के साथ छेड़छाड़ की शिकार हुई लड़की - फोटो : Amar Ujala

बाहर कुछ लोगों ने पूछा भी कि क्या हुआ। इसके बाद पुलिस का एक जवान जबरदस्ती थाने ले गया। पीड़िता ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कई पुलिसकर्मियों के नाम लिए। लड़की ने इन सभी पर धमकी देने, उत्पीड़न और शोषण का आरोप लगाया है।

लड़की ने आरोप लगाया कि हंदवाड़ा एसपी ने दबाव डालकर सेना पर आरोप नहीं लगाने का बयान दर्ज करवाया। आश्वस्त किया कि इसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। फिर भी सेना को बचाने के लिए इसे वायरल कर दिया गया।

जम्मू कश्मीर कोलेशन ऑफ सिविल सोसाइटी (जेकेसीसीएस) के प्रवक्ता खुर्रम परवेज के अनुसार लड़की और उसके अभिभावकों द्वारा जेकेसीसीएस के सहयोग से हंदवाड़ा घटना की जांच कर रही सिट (स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम) को लिखा है।

ज्ञात हो कि छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद कुपवाड़ा और हंदवाड़ा में भड़की हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 100 से अधिक घायल हुए थे। घटना के बाद से प्रिवेंटिव कस्टडी में रखी गई पीड़िता को 12 मई को पुलिस ने छोड़ गया था।

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