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कश्मीर घाटी में कर्फ्यू जारी, कुछ इलाकों में ढील

Wed, 13 Feb 2013 10:38 AM IST
श्रीनगर/ब्यूरो
श्रीनगर/ब्यूरो Updated Wed, 13 Feb 2013 10:38 AM IST
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curfew continues in kashmir valley

अफजल गुरु को फांसी के बाद से कश्मीर में जारी कर्फ्यू में मंगलवार शाम को अलग-अलग क्षेत्रों में दो से तीन घंटे तक की ढील दी गई। इस दौरान आमतौर पर शांति बनी रही। छुटपुट हिंसा में दो लोगों के घायल होने की सूचना है। कर्फ्यू के मद्देनजर कश्मीर विश्वविद्यालय के अंतर्गत बुधवार से शुरू होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।

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पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि अधिकारियों की बैठक में समीक्षा के बाद श्रीनगर जिले के पांच थाना क्षेत्रों तथा कुपवाड़ा जिले के एक पुलिस थाना इलाके के कुछ भागों में शाम को कुछ घंटों के लिए कर्फ्यू में ढील देने का फैसला किया गया था। राजबाग, आरएम बाग, कोठीबाग, सदर तथा शेरगढ़ी थाना क्षेत्रों में शाम 4 से 7 बजे तक, जबकि हंदबाड़ा पुलिस थाने के कुछ भागों में शाम 4 से 6 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई।
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कर्फ्यू के दौरान सबसे अधिक हिंसाग्रस्त रहे बारामुला जिले में भी आज शांति रही। सोपोर इलाके में कुछ स्थानों पर छुटपुट घटनाएं होने की सूचनाएं मिली हैं। इनमें दो लोगों के घायल होने की जानकारी मिली हैं। चार दिनों के बाद मंगलवार को पुलिस द्वारा लाउडस्पीकर से कर्फ्यू में कुछ घंटे की ढील की घोषणा करते ही लोग अपने घरों से बाहर निकलने लगे। कुछ दुकानें खुलीं और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। फलों तथा सब्जियों की दुकानों पर लोग अधिक संख्या में खरीददारी करते देखे गए।
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इस बीच सरकार ने पुलिस तथा अन्य सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करते समय गोली चलाने वाले हथियार अपने साथ नहीं रखने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। सुरक्षाकर्मी प्रदर्शनकारियों को काबू करते समय लाठी तथा आंसू गैस के गोले छोड़ सकते हैं।

गौरतलब है कि वर्ष 2010 के प्रदर्शनों के दौरान कश्मीर घाटी में 117 युवकों की मौत हो गई थी और सैकड़ों घायल हो गए थे। इस पर सरकार की आलोचना हुई थी, इसलिए सरकार इस बार विशेष सतर्कता बरत रही है।

पुलिस कार्रवाई
बारामुला जिले के शीरी इलाके में दोपहर बाद अफजल को फांसी दिए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। इस पर उनकी पुलिस से झड़प हुई। पुलिस के अनुसार शीरी बाजार में दोपहर को प्रदर्शन कर रही भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया। स्थिति पर काबू नहीं होने पर बाद में आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया। पुलिस की ओर से हवाई फायरिंग भी की गई।

पुलिस की इस कार्रवाई में चार प्रदर्शनकारी रशीद उल रहमान, आरिफ हुसैन, अब्दुल कादिर मीर तथा मुजामिल और दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें से गंभीर रूप से घायल दो लोगों को श्रीनगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अनंतनाग में कृषि मंत्री गुलाम हसन मीर, समाज कल्याण मंत्री सकीना इट्टू, गृह राज्य मंत्री सज्जाद किचलू और अन्य मंत्रियों ने भी जिला स्तर पर कानून व्यवस्था की समीक्षा की है।


चौथे दिन भी नहीं छपे अखबार
अफजल गुरु को फांसी के बाद से ही घाटी में अखबारों का प्रकाशन और वितरण बंद है। पुलिस प्रशासन ने चार दिनों से अखबारों के प्रकाशन और वितरण पर भी अघोषित रोक लगा रखी है, हालांकि सरकार की ओर से इस तरह का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। अखबारों के दफ्तरों पर पुलिस का पहरा है। इस मामले को प्रेस कौंसिल आफ इंडिया के सामने भी उठाया गया है। कौंसिल अध्यक्ष काटजू ने इस संबंध में मुख्यमंत्री से जानकारी मांगी है। राज्य सूचना विभाग ने इस संबंध में कुछ भी कहने से इंकार किया है।  

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