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जम्मू और कश्मीर: हुर्रियत में फूट, हकीकी ने मीरवाइज गुट से तोड़ा नाता

Wed, 06 Dec 2017 04:17 AM IST
टीम डिजिटल अमर उजाला
टीम डिजिटल अमर उजाला Updated Wed, 06 Dec 2017 04:17 AM IST
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clash seen between jammu and kashmir hurriyat leaders

जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के हकीकी गुट के चेयरमैन जावेद मीर ने मंगलवार को मीरवाइज मौलवी उमर फारूक के नेतृत्व वाली आल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से अपना नाता तोड़ लिया। हालांकि, जावेद मीर ने अपने इस्तीफे के कारणों का खुलासा नहीं किया है। 

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लेकिन उनके करीबियों ने बताया कि वह हुर्रियत द्वारा कश्मीर मुददे पर केंद्र से बातचीत न करने के लिए गए फैसले से आहत थे। उन्होंने अपनी नाराजगी से मीरवाइज को भी अवगत कराया था। जब बात नहीं बनी तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया। बताया जाता है कि जावेद मीर ने गत सप्ताह ही मीरवाइज को अपना इस्तीफा सौंपा है।
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जावेद ने तीन  साल पहले मीरवाइज के नेतृत्व वाली हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का दामन थामा था। बीते एक साल से वह हुर्रियत में खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे थे। कहा जा रहा है कि वह हुर्रियत की कार्यकारी परिषद में विस्तार चाहते हुए उसका दायरा बढ़ाने पर जोर दे रहे थे ताकि हुर्रियत के नीतिगत फैसलों पर सिर्फ  मीरवाइज और उनके चार-पांच सहयोगियों का ही वर्चस्व न रहे।
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हुर्रियत नेताओं से मिले दिनेश्वर 
दूसरी ओर केंद्र द्वारा नियुक्त वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा अपने कश्मीर मिशन के दूसरे चरण में गत सप्ताह हुर्रियत के दो नेताओं से मिलने में कामयाब रहे हैं। इनमें एक प्रोफेसर अब्दुल गनी भट बताए जा रहे हैं। भट ने कहा कि समय आने पर ही मैं लोगों को बताऊंगा कि मेरी मुलाकात केंद्रीय वार्ताकार से हुई है या नहीं।

पढ़ें: चोटी कटने के विरोध में अलगाववादीयों ने किया विरोध प्रदर्शन का ऐलान


जवाहर नगर स्थित मकान में प्रोफेसर अब्दुल गनी भट से गत 27 नवंबर की रात साढ़े दस बजे दिनेश्वर शर्मा की मुलाकात हुई है। भट ने कहा कि क्या मैं दिनेश्वर शर्मा से मिला या नहीं, अगर मिला तो क्यों मिला और मिला तो मैंने क्या बात की, इन सभी सवालों और अफ वाहों का जवाब सही समय पर बयान जारी कर दूंगा। 

लेकिन एक बात जरूर कहूंगा कि बातचीत की प्रक्रिया शुरू करने के लिए सरकार ने जो तरीका चुना है वह गलत है क्योंकि कश्मीर मुददे पर आप पाकिस्तान को दरकिनार नहीं कर सकते।

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