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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   BJP will contest Lok Sabha elections by keeping Jammu, Ladakh in the center

जम्मू, लद्दाख को केंद्र में रखकर लोकसभा चुनाव लड़ेगी भाजपा

Sun, 24 Jun 2018 05:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,जम्मू Updated Sun, 24 Jun 2018 05:19 AM IST
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BJP will contest Lok Sabha elections by keeping Jammu, Ladakh in the center

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह तय कार्यक्रम के तहत शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर जम्मू पहुंचे। यहां पहुंचते ही शाह ने गेस्ट हाउस में भाजपा की चुनाव प्रबंधन कमेटी से बैठक कर प्रदेश में लोकसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन किया। राष्ट्रीय महासचिव संगठन राम लाल, केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, पूर्व प्रदेशाध्यक्षों, चुनाव प्रबंधन कमेटी के सदस्यों, सांसदों की मौजूदगी में हुई बैठक में पीडीपी-भाजपा गठबंधन टूटने से राज्य में सियासी हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों के अनुसार इस अवसर पर फैसला लिया गया कि भाजपा वर्तमान की तीनों सीटों पर दोबारा जीत दर्ज करने के लिए जम्मू व लद्दाख का केंद्र में रखकर सियासत करेगी।

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इसके बाद शक्ति केंद्रों के प्रभारियों, विस्तारक बैठक के अलावा शाह ने प्रदेश भाजपा के आईटी सेल के नेताओं से भी लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बारे में चर्चा की और विपक्ष के हर सवाल का जोरदार तरीके से सोशल मीडिया के माध्यम से जवाब देने को कहा। शाह ने संघ परिवार के सदस्यों जिसमें आरएसएस के प्रांत प्रचारक और उनकी टीम के अलावा विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों से भी राज्य के हालात पर चर्चा की। रविवार सुबह 11 बजे शाह का नई दिल्ली वापस लौटना प्रस्तावित है।
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 रैली में नहीं पहुंचे लाल सिंह
अमित शाह की जम्मू रैली में पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक चौधरी लाल सिंह मौजूद नहीं रहे। कठुआ कांड की सीबीआई जांच करवाने की मांग पर लाल सिंह जम्मू संभाग में आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं। उन्हें आंदोलन के लिए हाल ही में शाह से हरी झंडी मिल चुकी है। इसके बावजूद उनका रैली में नहीं पहुंचना भाजपा में चर्चा का विषय बना रहा। 
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शाह ने चार घंटे में आदेश वापस कराया : रैना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने अपने संबोधन में कहा कि दो साल पहले पीडीपी की अगुवाई वाली सरकार ने तिरंगे को लेकर एक आदेश जारी किया था। इसकी भनक लगते ही शाह ने उन्हें गठबंधन तोड़ने की चेतावनी दी थी। इसके चार घंटे बाद ही सरकार ने उस आदेश को वापस ले लिया था। पीडीपी झुक गई और तिरंगे झंडे को पूरा सम्मान मिला। अगर वह ऐसा नहीं करती तो पूर्ववर्ती सरकार दो साल पहले ही गिर गई होती। रैली में रैना आकर्षण का केंद्र रहे। वह भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच रहे और उनके साथ सेल्फी का सिलसिला चलता रहा।

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