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gdgdf
Updated Fri, 17 Nov 2017 01:42 AM IST
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कठुआ। नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला द्वारा पीओके पर दिए गए बयान की निंदा करते हुए वन मंत्री चौधरी लाल सिंह ने उन्हें पाकिस्तान में जाकर बसने की नसीहत दी है।
लखनपुर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे लाल सिंह नेकां के जम्मू संभाग के नेताओं पर भी बरसे। कहा कि पीओके नेकां की ही देन है। यही लोग जम्मू और कश्मीर संभाग में भाईचारे को खत्म करने और तनाव पैदा करने का काम करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बदनसीबी है कि फारूक देश के केंद्रीय मंत्री रहने के बावजूद और शेख अब्दुल्ला से लेकर उमर तक जब ऐसी कोई टिप्पणी देते रहते हैं। जम्मू कश्मीर का जो हिस्सा पीओके में चला गया है उसे लेकर राज्य, केंद्र और पीएम मोदी स्वयं कहते हैं कि एक-एक इंच जमीन नहीं छोड़ेंगे। पीओके में हमारे लोग मर रहे हैं। वहीं वहां के लोगों को ऐसे लोग और मरवाने की प्लानिंग कर रहे हैं। कहा कि इनकी साजिश के चलते ही पीओके बना था।
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मंत्री ने कहा कि अगर नेहरू को सही तरीके से ये लोग गाइड करते तो यह नौबत ही न आती। इनके खानदान ने ज्यादती की। एक ओर भारत का साथ दिया तो वहीं पीओके बना दिया। पहाड़ी बोलने वाले दूरदराज के लोगों को कटवाया, जिसके पीछे की मंशा शायद वही जान सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कश्मीर और जम्मू में असंतुलन बनाकर भाईचारा खराब किया। इस स्टेटमेंट को वापस लेना चाहिए। जम्मू खित्ते के नेता भी सत्ता में आकर लाभ लेने के लालच में इनका साथ दे रहे हैं। पहले एटॉनमी से राज्य को देश के अलग करने की साजिश बनाई।
उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि अगर यह ख्वाहिशमंद हैं तो यह लोग मेहरबानी करें और पाकिस्तान चले जाएं। हम पीओके अपनी तरफ ले लेंगे। पीओके के हमारे भाई बहन हमारे देश के लिए तरस रहे हैं, जिसके लिए मोदी से भी गुहार लगा चुके हैं। वहां तबाही और बर्बादी के अलावा कुछ नहीं मिला। ऐसे में लोगों को भी ऐसे लोगों और पार्टी की मानसिकता को समझना चाहिए।
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लखनपुर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे लाल सिंह नेकां के जम्मू संभाग के नेताओं पर भी बरसे। कहा कि पीओके नेकां की ही देन है। यही लोग जम्मू और कश्मीर संभाग में भाईचारे को खत्म करने और तनाव पैदा करने का काम करते रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि बदनसीबी है कि फारूक देश के केंद्रीय मंत्री रहने के बावजूद और शेख अब्दुल्ला से लेकर उमर तक जब ऐसी कोई टिप्पणी देते रहते हैं। जम्मू कश्मीर का जो हिस्सा पीओके में चला गया है उसे लेकर राज्य, केंद्र और पीएम मोदी स्वयं कहते हैं कि एक-एक इंच जमीन नहीं छोड़ेंगे। पीओके में हमारे लोग मर रहे हैं। वहीं वहां के लोगों को ऐसे लोग और मरवाने की प्लानिंग कर रहे हैं। कहा कि इनकी साजिश के चलते ही पीओके बना था।
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मंत्री ने कहा कि अगर नेहरू को सही तरीके से ये लोग गाइड करते तो यह नौबत ही न आती। इनके खानदान ने ज्यादती की। एक ओर भारत का साथ दिया तो वहीं पीओके बना दिया। पहाड़ी बोलने वाले दूरदराज के लोगों को कटवाया, जिसके पीछे की मंशा शायद वही जान सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कश्मीर और जम्मू में असंतुलन बनाकर भाईचारा खराब किया। इस स्टेटमेंट को वापस लेना चाहिए। जम्मू खित्ते के नेता भी सत्ता में आकर लाभ लेने के लालच में इनका साथ दे रहे हैं। पहले एटॉनमी से राज्य को देश के अलग करने की साजिश बनाई।
उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि अगर यह ख्वाहिशमंद हैं तो यह लोग मेहरबानी करें और पाकिस्तान चले जाएं। हम पीओके अपनी तरफ ले लेंगे। पीओके के हमारे भाई बहन हमारे देश के लिए तरस रहे हैं, जिसके लिए मोदी से भी गुहार लगा चुके हैं। वहां तबाही और बर्बादी के अलावा कुछ नहीं मिला। ऐसे में लोगों को भी ऐसे लोगों और पार्टी की मानसिकता को समझना चाहिए।