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जान बचाने के लिए सीमा पर बनवाएं सामुदायिक बंकर
Updated Mon, 25 Dec 2017 01:13 AM IST
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पुंछ। अगर हमारी जान बचानी है तो सरकार को हमें सामुदायिक नहीं निजी बंकर उपलब्ध कराने की व्यवस्था करनी चाहिए। अगर ऐसा न किया गया तो पाक सेना की गोलाबारी हमारे गांव के लोगों की जान छीन लेगी।
यह कहना है पुंछ जिले के भारत पाक नियंत्रण रेखा पर स्थित पाक सेना की गोलाबारी से सबसे अधिक प्रभावित शाहपुर के ग्रामीणों अली अकबर, वकार यूनस, बाग हुसैन, मोहम्मद बशीर और रशीद अहमद का जो कि रविवार को पाक सेना की भारी गोलाबारी के चलते दिन भर अपने मकानों में दुबके रहे। इन लोगों का कहना है कि सरकार के निर्देश पर प्रशासन द्वारा गांव में पिछले कुछ समय से एक सामुदायिक बंकर बनाने का काम चल रहा है। मगर उसका गांव के दो तीन घरों को छोड़ कर अन्य किसी को कोई लाभ नहीं होने वाला है। जब अचानक क्षेत्र में पाक सेना की गोलाबारी शुरू होती तो हम लोगों का अपने घर के आंगन से कमरों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अपने घरों से दो सौ से पांच सौ मीटर की दूरी पर बनाए जा रहे सामुदायिक बंकरों तक कोई कैसे पहुंच सकता है। कहा कि गोलाबारी के बीच बच्चों और महिलाओं के साथ बंकरों तक पहुंचने के चक्कर में ही पाक गोलों की चपेट में आ कर मारे जाएंगे। इस लिए हमारी सरकार से मांग है कि हमें हर घर के पास निजी बंकर उपलब्ध कराए जाएं चाहे वह छोटे छोटे बंकर ही क्यों न हो, अगर हमारे घरों के पास बंकर बने होंगे तो हम गोलाबारी शुरू होते ही उनमें शरण ले सकेंगे।
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शुक्र है रविवार था जान बच गई
रविवार को हुई गोलाबारी को लेकर शाहपुर के ग्रामीणों का कहना है कि जिस प्रकार पाक सेना ने दिनदिहाड़े क्षेत्र में भारी गोलाबारी की है ऐसे में आज अगर रविवार न होता को न जाने कितने लोग मारे जाते जो घरों से बाहर आ जा रहे होते। छुट्टी के कारण करीब करीब सभी लोग घरों में मौजूद थे दूसरा दिन के एक बजे गोलाबारी शुरू होने के कारण अधिकतर लोग उस समय घरों के अंदर दोपहर का भोजन कर रहे थे। इक्का दुक्का लोग बाहर थे वह जान बचाने के लिए भाग कर घरों में घुस गए। गौरतलब है कि जिले में प्रशासन की तरफ से नियंत्रण रेखा के आस पास के गांव में करीब 45 सामुदायिक बंकरों का निर्माण करवाया जा रहा है जिन्हें गांव के बीचों बीच खाली स्थानों पर बनाया जा रहा है। यह बंकर गांव के दो तीन घरों को छोड़ कर अन्य घरों से काफी दूरी पर बनाए जाने के कारण अन्य घरों के लोगों को इनका कोई लाभ नहीं होना वाला है। इस बारे में जिला विकास आयुक्त तारिक अहमद जरगर का कहना है कि हमने केन्द्र सरकार के पास हर गांव में निजी बंकरों के निर्माण के लिए प्रपोजल बना कर भेजा है जिसके पास होने की पूरी संभावना है।
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