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सीएम महबूबा के सामने लगे आजादी के नारे
Updated Thu, 16 Nov 2017 02:02 AM IST
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महबूबा के सामने लगे आजादी के नारे
श्रीनगर। श्रीनगर के पुराने शहर में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के सामने बुधवार को लोगों ने देश विरोधी और आजादी के नारे लगाए। महबूबा खनका-ए-मौला जियारत में बीती रात लगी आग में हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंचीं थीं। इस दौरान महबूबा को लोगों के गुस्से का भी सामना करना पड़ा। वहां मौजूद लोगों ने आजादी के हक में नारे बुलंद किए। इस बीच मुख्यमंत्री को वहां से सुरक्षित ले जाया गया। मिली जानकारी के अनुसार महबूबा मुफ्ती ने जब आग की घटना के बारे में सुना तो पुराने शहर में स्थित खनका-ए-मौला जियारत में जायजा लेने पहुंचीं। बीती रात जियारत के गुंबद में लगी आग से नुकसान हुआ है। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय प्रशासन से आग लगने के कारणों को लेकर उनसे डिटेल रिपोर्ट मांगी है। इतना ही नहीं उन्होंने स्थानीय युवाओं को आग को फैलने से बचाने के लिए निभाई गई भूमिका को लेकर शाबाशी भी दी। महबूबा ने ट्वीट कर इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि यह जियारत ऐसी जगह थी, जहां वह अपने पिता के साथ आखिरी बार गई थीं। इतना ही नहीं महबूबा ने एक और ट्वीट में यह भी लिखा कि उनके पिता के अनुसार जियारत में कश्मीर की आत्मा को दर्शाया गया है। इस अवसर पर महबूबा मुफ्ती के साथ शिक्षा मंत्री अल्ताफ बुखारी, राज्य मंत्री आसिया नकाश, एमएलसी खुर्शीद आलम, डिवीजनल कमिश्नर बशीर खान, आईजीपी मुनीर खान और अन्य प्रशासनिक अधिकारी थे। गौरतलब है कि यह जियारत प्रसिद्ध मुस्लिम संत, विद्वान और प्रचारक मीर सईद अली हमदानी की याद में निर्मित है, जिनकी शिक्षा ने घाटी में इस्लाम का प्रसार करने में मदद की थी।
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श्रीनगर। श्रीनगर के पुराने शहर में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के सामने बुधवार को लोगों ने देश विरोधी और आजादी के नारे लगाए। महबूबा खनका-ए-मौला जियारत में बीती रात लगी आग में हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंचीं थीं। इस दौरान महबूबा को लोगों के गुस्से का भी सामना करना पड़ा। वहां मौजूद लोगों ने आजादी के हक में नारे बुलंद किए। इस बीच मुख्यमंत्री को वहां से सुरक्षित ले जाया गया। मिली जानकारी के अनुसार महबूबा मुफ्ती ने जब आग की घटना के बारे में सुना तो पुराने शहर में स्थित खनका-ए-मौला जियारत में जायजा लेने पहुंचीं। बीती रात जियारत के गुंबद में लगी आग से नुकसान हुआ है। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय प्रशासन से आग लगने के कारणों को लेकर उनसे डिटेल रिपोर्ट मांगी है। इतना ही नहीं उन्होंने स्थानीय युवाओं को आग को फैलने से बचाने के लिए निभाई गई भूमिका को लेकर शाबाशी भी दी। महबूबा ने ट्वीट कर इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि यह जियारत ऐसी जगह थी, जहां वह अपने पिता के साथ आखिरी बार गई थीं। इतना ही नहीं महबूबा ने एक और ट्वीट में यह भी लिखा कि उनके पिता के अनुसार जियारत में कश्मीर की आत्मा को दर्शाया गया है। इस अवसर पर महबूबा मुफ्ती के साथ शिक्षा मंत्री अल्ताफ बुखारी, राज्य मंत्री आसिया नकाश, एमएलसी खुर्शीद आलम, डिवीजनल कमिश्नर बशीर खान, आईजीपी मुनीर खान और अन्य प्रशासनिक अधिकारी थे। गौरतलब है कि यह जियारत प्रसिद्ध मुस्लिम संत, विद्वान और प्रचारक मीर सईद अली हमदानी की याद में निर्मित है, जिनकी शिक्षा ने घाटी में इस्लाम का प्रसार करने में मदद की थी।