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बसोहली में अटल सेतु के पास रंजीत सागर झील में शुरू होगी बोटिंग
Updated Fri, 01 Dec 2017 12:50 AM IST
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कठुआ/बसोहली।
इंजीनियरिंग की नायाब मिसाल और उत्तर भारत के अपनी ही तरह के पहले केबल स्टेयड पुल अटल सेतु की दूसरी वर्षगांठ पर न सिर्फ बसोहली बल्कि देश के विभिन्न कोनों से अटल सेतु का नजारा लेने वालों का नया तोहफा मिलने जा रहा है। रावी दरिया पर बने रंजीत सागर झील के जलाशय में लोग अब सेतु के बिल्कुल नजदीक से ही बोटिंग का नजारा ले सकेंगे। इसके लिए वन मंत्री चौधरी लाल सिंह ने वीरवार को बसोहली के अटल सेतु के नजदीक पहुंचकर, जहां चिह्नित जगह का मुआयना किया। वहीं इसके नजदीक 200 लोगों की बैठने की क्षमता वाले पैसेंजर शेड का जल्द से जल्द निर्माण करने के निर्देश भी जारी कर दिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अटल सेतु के नजदीक स्थापित करने के लिए प्री फैब्रिकेटेड जैट्टी भी बसोहली पहुंच चुकी है। आने वाले दो से तीन दिन के भीतर तीन बोट भी बसोहली पहुंच जाएगी। इनमें बीस, दस की दो और चार लोगों को बैठाकर रंजीत सागर झील के विभिन्न इलाकों का नजारा दिखा सकने वाली बोट शामिल हैं। वहीं, एक वोट अगले सप्ताह बसोहली पहुंचेगी। मंत्री ने नगर कमेटी और लोक निर्माण विभाग को जल्द से जल्द अटल सेतु के नजदीक जैट्टी तक संपर्क सड़क बनाने के निर्देश दिए। वहीं, सेतु से सटकर चिह्नित की गई, जगह पर शौचालय निर्माण करवाने के भी निर्देश दे दिए गए। उल्लेखनीय है कि 23 जनवरी 2015 को तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने अटल सेतु का अनावरण किया था, जिसे बीआरओ एसपीएस सिंगला की मदद से रिकार्ड समय में तैयार किया। 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर इसे आम लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया गया था। इसके बाद से ही रोजाना बड़ी तादाद में न सिर्फ आम लोग बल्कि पर्यटक, स्कूली बच्चे और नवयुवक भी अटल सेतु का नजारा लेने पहुंचते रहे।
अब अटल सेतु जलमार्ग से सतवाईं और पनागर जा सकेंगे पर्यटक
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आने वाले कुछ ही सप्ताह में जैट्टी स्थापित कर दी जाएगी। विभाग के डीएफओ कुलदीप सिंह ने बताया कि वन मंत्री के निर्देश से क्षेत्र को बेहतरीन पर्यटन स्थल विकसित करने पर काम चल रहा है। सौ स्क्वायर मीटर के प्लेटफार्म वाली जैट्टी अटल सेतु के बिल्कुल नजदीक तैयार होगी। जिसे हाई डेंसिटी पालिस्टर मैटेरियल से तैयार किया गया है। यह राज्य में अपनी ही तरह की पहली ऐसी बनी जैट्टी होगी। उन्होंने बताया कि वन विभाग पनागर में पांच चार रूम सेट की पांच हट तैयार करने में जुटा हुआ है और उसे भी कनेक्टिविटी रहेगी। अब लोग सीधा अटल सेतु से पनागर और फिर सतवाईं तक सफर जलमार्ग से ही कर सकेंगे।
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क्या है जैट्टी
बोट को पार्क करने और सवारियों को बैठाने के लिए जिस प्लेटफार्म का प्रयोग किया जाता है, उसे जैट्टी कहते हैं। बसोहली में स्थापित की जा रही जैट्टी, दरअसल में एक फ्लोटिंग स्ट्रक्चर है, जिसे जमीन पर स्थापित न करते हुए दरिया के पानी पर ही स्थापित किया जाएगा। जलतरंगों के साथ यह जैट्टी भी हिलती है, जो पर्यटकों को नाव में ही बैठे होने जैसा एहसास करवाती है।
---बयान---
बसोहली को टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में वन एवं पर्यावरण मंत्री चौधरी लाल सिंह के निर्देश पर तेजी से काम चल रहा है। वन विभाग के साथ मिलकर विभिन्न विभाग कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कर रहे हैं। अटल सेतु पर जैट्टी स्थापित करने के बाद पनागर और सतवाईं में भी दो जैट्टी स्थापित की जाएंगी, जिससे वाटर रूट से भी लोग इन इलाकों का सफर सीमित समय में कर सकेंगे, साथ ही बसोहली की खूबसूरती को भी निहार सकेंगे।
-संजय गुप्ता, एडीसी, बसोहली
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इंजीनियरिंग की नायाब मिसाल और उत्तर भारत के अपनी ही तरह के पहले केबल स्टेयड पुल अटल सेतु की दूसरी वर्षगांठ पर न सिर्फ बसोहली बल्कि देश के विभिन्न कोनों से अटल सेतु का नजारा लेने वालों का नया तोहफा मिलने जा रहा है। रावी दरिया पर बने रंजीत सागर झील के जलाशय में लोग अब सेतु के बिल्कुल नजदीक से ही बोटिंग का नजारा ले सकेंगे। इसके लिए वन मंत्री चौधरी लाल सिंह ने वीरवार को बसोहली के अटल सेतु के नजदीक पहुंचकर, जहां चिह्नित जगह का मुआयना किया। वहीं इसके नजदीक 200 लोगों की बैठने की क्षमता वाले पैसेंजर शेड का जल्द से जल्द निर्माण करने के निर्देश भी जारी कर दिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अटल सेतु के नजदीक स्थापित करने के लिए प्री फैब्रिकेटेड जैट्टी भी बसोहली पहुंच चुकी है। आने वाले दो से तीन दिन के भीतर तीन बोट भी बसोहली पहुंच जाएगी। इनमें बीस, दस की दो और चार लोगों को बैठाकर रंजीत सागर झील के विभिन्न इलाकों का नजारा दिखा सकने वाली बोट शामिल हैं। वहीं, एक वोट अगले सप्ताह बसोहली पहुंचेगी। मंत्री ने नगर कमेटी और लोक निर्माण विभाग को जल्द से जल्द अटल सेतु के नजदीक जैट्टी तक संपर्क सड़क बनाने के निर्देश दिए। वहीं, सेतु से सटकर चिह्नित की गई, जगह पर शौचालय निर्माण करवाने के भी निर्देश दे दिए गए। उल्लेखनीय है कि 23 जनवरी 2015 को तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने अटल सेतु का अनावरण किया था, जिसे बीआरओ एसपीएस सिंगला की मदद से रिकार्ड समय में तैयार किया। 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर इसे आम लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया गया था। इसके बाद से ही रोजाना बड़ी तादाद में न सिर्फ आम लोग बल्कि पर्यटक, स्कूली बच्चे और नवयुवक भी अटल सेतु का नजारा लेने पहुंचते रहे।
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अब अटल सेतु जलमार्ग से सतवाईं और पनागर जा सकेंगे पर्यटक
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आने वाले कुछ ही सप्ताह में जैट्टी स्थापित कर दी जाएगी। विभाग के डीएफओ कुलदीप सिंह ने बताया कि वन मंत्री के निर्देश से क्षेत्र को बेहतरीन पर्यटन स्थल विकसित करने पर काम चल रहा है। सौ स्क्वायर मीटर के प्लेटफार्म वाली जैट्टी अटल सेतु के बिल्कुल नजदीक तैयार होगी। जिसे हाई डेंसिटी पालिस्टर मैटेरियल से तैयार किया गया है। यह राज्य में अपनी ही तरह की पहली ऐसी बनी जैट्टी होगी। उन्होंने बताया कि वन विभाग पनागर में पांच चार रूम सेट की पांच हट तैयार करने में जुटा हुआ है और उसे भी कनेक्टिविटी रहेगी। अब लोग सीधा अटल सेतु से पनागर और फिर सतवाईं तक सफर जलमार्ग से ही कर सकेंगे।
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क्या है जैट्टी
बोट को पार्क करने और सवारियों को बैठाने के लिए जिस प्लेटफार्म का प्रयोग किया जाता है, उसे जैट्टी कहते हैं। बसोहली में स्थापित की जा रही जैट्टी, दरअसल में एक फ्लोटिंग स्ट्रक्चर है, जिसे जमीन पर स्थापित न करते हुए दरिया के पानी पर ही स्थापित किया जाएगा। जलतरंगों के साथ यह जैट्टी भी हिलती है, जो पर्यटकों को नाव में ही बैठे होने जैसा एहसास करवाती है।
---बयान---
बसोहली को टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में वन एवं पर्यावरण मंत्री चौधरी लाल सिंह के निर्देश पर तेजी से काम चल रहा है। वन विभाग के साथ मिलकर विभिन्न विभाग कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कर रहे हैं। अटल सेतु पर जैट्टी स्थापित करने के बाद पनागर और सतवाईं में भी दो जैट्टी स्थापित की जाएंगी, जिससे वाटर रूट से भी लोग इन इलाकों का सफर सीमित समय में कर सकेंगे, साथ ही बसोहली की खूबसूरती को भी निहार सकेंगे।
-संजय गुप्ता, एडीसी, बसोहली