आतंकियों को सिम मुहैया कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, ऐसे किया करते थे काम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसके लिए सेना के फर्जी स्टैंप तथा दस्तावेज का इस्तेमाल किया जाता था। विदेशी आतंकियों को भी इस गिरोह की ओर से सिम मुहैया कराने का शक है, क्योंकि उनके पास सिम के लिए कोई वैध कागजात नहीं होते हैं।
सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ में जुटी हुई हैं कि कितने फर्जी सिम उन्होंने उपलब्ध कराए और किन-किन आतंकियों को मुहैया कराए गए हैं।सेना की 46 राष्ट्रीय राइफल्स तथा एसओजी की टीम ने मिलिट्री इंटेलीजेंस से मिले इनपुट के आधार पर जिले के कई स्थानों पर छापे मारकर छह लोगों को गिरफ्तार किया।
कई अहम दस्तावेज हुए बरामद
इनमें मोबाइल कंपनियों के एजेंट्स तथा दो प्रिंटिंग प्रेस मालिक शामिल हैं। प्रिंटिंग प्रेस मालिक सिम कार्ड के लिए सेना के फर्जी रबर स्टैंप व दस्तावेज तैयार करते थे।
छापेमारी के दौरान काफी संख्या में सेना के रबर स्टैंप, दस्तावेज तथा कई सिम कार्डों के साथ छह बैग बरामद किए गए।
पूछताछ में यह सामने आया कि यह लोग ओवर ग्राउंड वर्कर हैं, जो आतंकियों को सिम मुहैया कराते थे। यह सिम किन-किन आतंकियों को दी गई और इसमें और कितने लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि आतंकियों को सिम मुहैया कराने के लिए उनसे काफी मोटी कमाई की गई है। पकड़े गए लोगों में सज्जाद अहमद बाबा, गौहर अहमद गिलानी, आबिद बिलाल कादरी, मुश्ताक शाह उर्फ मस्तान, अजमतुल्लाह भट तथा कंवलजोत सिंह शामिल हैं।