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विस्फोट कर तोड़े गए पहाड़ियों के पत्थर, फिर जेसीबी ने किया साफ, जानें क्या है पूरा मामला
Updated Sun, 17 Dec 2017 05:52 PM IST
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- फोटो : FILE PHOTO
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बिलावर। धार डुग्गनू सड़क से पत्थरों को साफ कर दिया गया है। सड़क के विस्तारीकरण के लिए विस्फोट कर पहाड़ियों को तोड़ा गया था, जिसके चलते पत्थर सड़क पर पड़े थे। विभागीय अधिकारियों ने सड़क की सुरक्षा दीवार में इस्तेमाल सामग्री के नमूने भी शनिवार को लिए हैं। इन्हें जांच के लिए लेबोरेटरी में भेजा जाएगा।
सड़क पर पत्थर पड़े होने के चलते एक सप्ताह से इस मार्ग पर आवाजाही बंद थी। इससे ग्रामीणों को परेशानियां उठानी पड़ रही थीं। मरीजों को पालकी में रखकर अस्पताल ले जाना पड़ता था। इससे ग्रामीणों में गुस्सा था। उनकी यह भी शिकायत थी कि सड़क की सुरक्षा दीवार में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। अमर उजाला ने 16 दिसंबर के अंक में ‘पालकी में मरीज और सड़क पर पड़े हैं पत्थर, तो कैसे पहुंचें अस्पताल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसे संज्ञान में लेकर लोक निर्माण विभाग के एससी, एक्सईएन बसोहली, एईई महानपुर समेत तहसीलदार बिलावर विश्वजीत सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले जेसीबी लगाकर सड़क पर पडे़ मलबे और पत्थरों को साफ करवाया। साथ ही सड़क के निर्माण में इस्तेमाल सामग्री के कई नमूने लिए।
वहीं, जब इस बात की भनक धार डुग्गनू और आसपास के ग्रामीणों को मिली तो वह बड़ी संख्या में चेयरमैन हंसराज के नेतृत्व में वहां पहुंच गए। साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी। यदि सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग का सबूत मिला तो एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद लोगों ने प्रदर्शन बंद कर दिया।
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सड़क पर पत्थर पड़े होने के चलते एक सप्ताह से इस मार्ग पर आवाजाही बंद थी। इससे ग्रामीणों को परेशानियां उठानी पड़ रही थीं। मरीजों को पालकी में रखकर अस्पताल ले जाना पड़ता था। इससे ग्रामीणों में गुस्सा था। उनकी यह भी शिकायत थी कि सड़क की सुरक्षा दीवार में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। अमर उजाला ने 16 दिसंबर के अंक में ‘पालकी में मरीज और सड़क पर पड़े हैं पत्थर, तो कैसे पहुंचें अस्पताल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसे संज्ञान में लेकर लोक निर्माण विभाग के एससी, एक्सईएन बसोहली, एईई महानपुर समेत तहसीलदार बिलावर विश्वजीत सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले जेसीबी लगाकर सड़क पर पडे़ मलबे और पत्थरों को साफ करवाया। साथ ही सड़क के निर्माण में इस्तेमाल सामग्री के कई नमूने लिए।
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वहीं, जब इस बात की भनक धार डुग्गनू और आसपास के ग्रामीणों को मिली तो वह बड़ी संख्या में चेयरमैन हंसराज के नेतृत्व में वहां पहुंच गए। साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी। यदि सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग का सबूत मिला तो एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद लोगों ने प्रदर्शन बंद कर दिया।
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