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फारूक को भूल गई है सियासत, जात पात के नाम पर वोट नहीं देते लोग- लाल सिंह

Sun, 03 Dec 2017 11:58 PM IST
Updated Sun, 03 Dec 2017 11:58 PM IST
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फारूक को भूल गई है सियासत, जात पात के नाम पर वोट नहीं देते लोग- लाल सिंह
कठुआ।
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नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को सियासत भूल गई है। वह अब भी पहले की ही तरह जातपात और धर्म बिरादरी के नाम पर लोगों को भड़काकर वोट लेने की राजनीति करना चाहते हैं। लेकिन वह भूल गए हैं कि आज के दौर में जातपात के नाम पर परिवार वाले भी वोट नहीं देते। उक्त बातें राज्य के वन मंत्री चौधरी लाल सिंह ने रविवार को अपने कठुआ निवास स्थान पर आयोजित जनता दरबार के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि राज्य को कोई भी धोखा नहीं दे सकता है। जम्मू कश्मीर हिंदुुस्तान का हिस्सा है, एक इंच भी कहीं नहीं जाएगा। जो हिस्सा आज पीओके बना है वह सब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की देन है। सरदार पटेल की बात को दरकिनार किया गया और आज इसी का नतीजा है कि जम्मू-कश्मीर में इतना बड़ा मुद्दा बना है। अगर पीओके नहीं होता तो आज कोई मुद्दा ही नहीं होता। अपने स्वार्थ के लिए और सत्ता सुख के लिए इन्होंने पीओके को दोबारा हासिल करने से फौज को रोक दिया। उन्होने कहा कि जब कोई फौज अपना हिस्सा वापिस ले रही हो तो उसे रोका जाना कहां सही है। उन्होंने कहा कि मुल्क के दो हिस्से होना कोई तरक्की नहीं। आज पाकिस्तान समाप्त हो चुका है और वहां पर राजनीति और सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। जम्मू कश्मीर में भी यह लोग उसी प्रकार की राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन शायद भूल गए है कि देश जात पात के आधार पर वोट नहीं देता। अगर ऐसा होता तो यूपी में कम से कम दो सीटें तो मिलती। साफ है कि मोदी लहर और विकास के आधार पर लोगों ने देश को चलाने वालों को परखा है।


पर्यावरण को मानें देवी
वन मंत्री ने इस दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को उनके समाधान के लिए दिशा निर्देश भी जारी किए। उन्होंने इस मौके पर लोगों को पर्यावरण संरक्षण की ओर कदम बढ़ाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को अपने अपने देवी देवताओं की तरह मानें ताकि आप इसका संमान कर पाएं और समय समय पर उसे याद करते हुए उसकी देखभाल भी करें। उन्होंने कहा कि अगर देवी रूष्ट होगी तो मानव जाति के लिए ही खतरा पैदा होगा ऐसे में पर्यावरण रूपी देवी को निराश न करें और पर्यावरण को बचाएं।
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