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ईद पर दिया भाईचारे का संदेश,
Updated Sun, 03 Dec 2017 01:29 AM IST
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कठुआ।
शहर में ईद मिलाद उल नबी के मुकद्दस मौके पर अमन शांति और भाईचारे का पैगाम दिया गया। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शहर में जुलूस निकाला।
पैगंबर नबी के जन्मदिवस को मनाने के लिए बड़ी तादाद में समुदाय के लोग एकत्रित हुए। कॉलेज मार्ग से होते हुए शहीदी चौक और पारलीवंड तक निकाले गए जुलूस में हर उम्र के लोग शामिल हुए। रैली से पूर्व समुदाय के इमाम ने संदेश देते हुए बताया कि आज के दिन नबी ने इस धरती पर जन्म लिया था। भेदभाव, नफरत और गुरबत में जा चुके इंसान को प्रेम, भाईचारे, मदद और इंसानियत का सबक सिखाया। उन्होंने कहा कि ईद का मकसद लोगों में प्रेम और भाईचारा बनाए रखना है। अपनों से नफरत की भावना इंसान में एक बार फिर आ चुकी है। अब जरूरत है कि नबी के पैगाम को हर इंसान तक पहुंचाया जा सके। जुलूस में अल्ला हू अकबर और नबी के समर्थन में युवा नारेबाजी करते हुए दिखे। जुलूस में शामिल लोगों ने कहा कि अपने मुल्क के लिए दुआ की जाएगी कि जो भी हमारे देश पर हमला करना चाहता है, वह अपने मकसद में कभी सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अल्लाह से दुआ है कि जिस तरह से जिला में हिंदू-मुस्लिम भाईचारा कायम है, वो आगे भी रहे। जुलूस पारलीवंड जामिया मस्जिद में पहुंचकर संपन्न हुआ। वहीं बनी के लोआंग इलाके में भी ईद मिलाद उल नबी के मौके पर भी भाईचारे का संदेश देते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया।
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शहर में ईद मिलाद उल नबी के मुकद्दस मौके पर अमन शांति और भाईचारे का पैगाम दिया गया। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शहर में जुलूस निकाला।
पैगंबर नबी के जन्मदिवस को मनाने के लिए बड़ी तादाद में समुदाय के लोग एकत्रित हुए। कॉलेज मार्ग से होते हुए शहीदी चौक और पारलीवंड तक निकाले गए जुलूस में हर उम्र के लोग शामिल हुए। रैली से पूर्व समुदाय के इमाम ने संदेश देते हुए बताया कि आज के दिन नबी ने इस धरती पर जन्म लिया था। भेदभाव, नफरत और गुरबत में जा चुके इंसान को प्रेम, भाईचारे, मदद और इंसानियत का सबक सिखाया। उन्होंने कहा कि ईद का मकसद लोगों में प्रेम और भाईचारा बनाए रखना है। अपनों से नफरत की भावना इंसान में एक बार फिर आ चुकी है। अब जरूरत है कि नबी के पैगाम को हर इंसान तक पहुंचाया जा सके। जुलूस में अल्ला हू अकबर और नबी के समर्थन में युवा नारेबाजी करते हुए दिखे। जुलूस में शामिल लोगों ने कहा कि अपने मुल्क के लिए दुआ की जाएगी कि जो भी हमारे देश पर हमला करना चाहता है, वह अपने मकसद में कभी सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अल्लाह से दुआ है कि जिस तरह से जिला में हिंदू-मुस्लिम भाईचारा कायम है, वो आगे भी रहे। जुलूस पारलीवंड जामिया मस्जिद में पहुंचकर संपन्न हुआ। वहीं बनी के लोआंग इलाके में भी ईद मिलाद उल नबी के मौके पर भी भाईचारे का संदेश देते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया।