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देश गौवंश बचाने में लगा है यहां वकीलों को दुर्गति से कौन बचाएगा, हाईकोर्ट की टिप्पणी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 09 Feb 2018 07:57 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने वकील को चैम्बर आवंटन नहीं होने के मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि आठ बाई आठ के चैम्बर का छह से दस वकीलों को आवंटन किया गया है, इससे चैम्बर्स किस काम के रह जाएंगे? वकीलों को चाय की थड़ियों से वकालत चलानी पड़ रही है। इससे वकालत के पेशे की गरिमा गिरती है।
अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए ये भी कहा कि देश गौवंश बचाने के अभियान में लगा है, यहां वकीलों को दुर्गति से कौन बचाएगा? इसके साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई 26 फरवरी तक टालते हुए मौखिक रूप से चैम्बर आवंटन प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।
न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश अभिनव शर्मा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
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अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए ये भी कहा कि देश गौवंश बचाने के अभियान में लगा है, यहां वकीलों को दुर्गति से कौन बचाएगा? इसके साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई 26 फरवरी तक टालते हुए मौखिक रूप से चैम्बर आवंटन प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।
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न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश अभिनव शर्मा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
ये भी कहा गया याचिका में
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि मई 2016 में लीज राशि लेने के बावजूद भी याचिकाकर्ता सहित तीन दर्जन वकीलों को अब तक चैंबर आवंटन नहीं हुआ है।
वहीं दूसरी तरफ गत दिनों 202 नए वकीलों को चैंबर आवंटित करने की सूची भी जारी कर दी गई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से कहा गया कि वकीलों की तुलना में चैम्बर्स की संख्या सीमित होने के चलते आवंटन नहीं हुआ है। इस पर अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए मामले की सुनवाई 26 फरवरी तक टाल दी है।
वहीं दूसरी तरफ गत दिनों 202 नए वकीलों को चैंबर आवंटित करने की सूची भी जारी कर दी गई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से कहा गया कि वकीलों की तुलना में चैम्बर्स की संख्या सीमित होने के चलते आवंटन नहीं हुआ है। इस पर अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए मामले की सुनवाई 26 फरवरी तक टाल दी है।