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पाकिस्तान ऐसे कराता है हमारे यहां जासूसी,सबूतों की कमी नहीं
Updated Thu, 18 May 2017 06:54 PM IST
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जैसलमेर
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भारत के पूर्व नेवी आॅफिसर को कथित तौर पर जासूस घोषित करने का दम भरने वाला पाकिस्तान ने खुद कई बार भारत में जासूसी के मिशन चलाए हैं लेकिन उसकी इन करतूतों को हमारी खुफिया एजेंसियों ने कभी कामयाब नहीं होने दिया।
पाकिस्तान द्वारा भारत में आतंकियो और जासूसों को भारतीय सीमा के अंदर दाखिल करने की बातें जगजाहिर है और आए दिन सरहद पर सेना और बीएसएफ द्वारा ऐसे कई घुसपैठियों को गिरफ्तार भी किया जाता रहा है। पाक जासूसों के लिए राजस्थान से लगती पश्चिमी सीमा सबसे सुरक्षित ठिकाना मानी जाती है। यहां के सीमा से लगते जिलों में पाकिस्तान अपने जासूसों का नेटवर्क बड़े आराम से चलाता है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 6 महीनों में बीएसएफ ने राजस्थान के पश्चिमी जिलों जैसलमेर,जोधपुर,बाड़मेर एवं श्रीगंगानगर जिलों से कई पाक जासूसों को धर दबोचा है। भारत के साथ विडंबना यह है कि गिरफ्तार लोगों में से अधिकतम यहां के स्थानीय लोग ही होते हैं जो चंद रुपयों के लालच में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने लगते हैं। केवल जासूसी ही नहीं पाकिस्तान से बड़ी मात्रा में हथियार,ड्रग्स और अन्य गैरकानूनी चीजों की भी तस्करी इन सरहदी इलाकों से की जाती है।
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पाकिस्तान द्वारा भारत में आतंकियो और जासूसों को भारतीय सीमा के अंदर दाखिल करने की बातें जगजाहिर है और आए दिन सरहद पर सेना और बीएसएफ द्वारा ऐसे कई घुसपैठियों को गिरफ्तार भी किया जाता रहा है। पाक जासूसों के लिए राजस्थान से लगती पश्चिमी सीमा सबसे सुरक्षित ठिकाना मानी जाती है। यहां के सीमा से लगते जिलों में पाकिस्तान अपने जासूसों का नेटवर्क बड़े आराम से चलाता है।
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आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 6 महीनों में बीएसएफ ने राजस्थान के पश्चिमी जिलों जैसलमेर,जोधपुर,बाड़मेर एवं श्रीगंगानगर जिलों से कई पाक जासूसों को धर दबोचा है। भारत के साथ विडंबना यह है कि गिरफ्तार लोगों में से अधिकतम यहां के स्थानीय लोग ही होते हैं जो चंद रुपयों के लालच में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने लगते हैं। केवल जासूसी ही नहीं पाकिस्तान से बड़ी मात्रा में हथियार,ड्रग्स और अन्य गैरकानूनी चीजों की भी तस्करी इन सरहदी इलाकों से की जाती है।
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जब पकड़ा गया था पाकिस्तान से आया एक कबूतर
जासूस कबूतर के शरीर उर्दु में लिखा मैसेज
- फोटो : amar ujala
पाक द्वारा जासूसी कराए जाने की पिछली कुछ ऐसी घटनाएं सामने आई जिसके बारे में कोई कल्पना भी नहीं कर सकता है। अप्रैल माह में पाकिस्तान से सटे राजस्थान की जैसलमेर सीमा से भारतीय सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान की ओर से आए एक ट्रेंड कबूतर को पकड़ा था।
जैसलमेर के तनोट क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल की बबलियान वाला सीमा चौकी पर स्थित ओ पी टावर पर लगी लाईट मशीन पर कबूतर काफी देर तक बैठा रहा था। पकड़े गए कबूतर पर कोड लेंग्वेज में कुछ लिखा हुआ था जिसे बीएसएफ ने बाद में डिटेक्ट किया था।
सैन्य गतिविधीयों पर नजर रखते हैं जासूस
पकड़े गए पाक जासूसों ने भारतीय खुफिया एजेंसियों के सामने यह बात कई बार कबूल की है कि वो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के लगातार संपर्क में रहते हुए भारत की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने का काम करते हैं और उनकी इस काम में यहां के स्थानीय नागरिक भी मदद करते हैं।
अभी हाल ही में खुफिया एजेंसी ने जोधपुर से चाचा भतीजे को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। दोनों चाचा भतीजे जैसलमेर के रहने वाले थे। ऐसे ही एक खुफिया एजेंसी ने बीएसएनल के एक अधिकारी को भी पाकिस्तान तक खुफिया जानकारी पहुंचाने के आरोप में पकड़ा था जो लगातार पाकिस्तान को सैन्य गतिविधियों के बारे में जानकारियां मुहैया करा रहा था।
राजस्थान के सूरतगढ़ में मिला था संदिग्ध गुब्बारा
करीब दो साल पहले भी पाकिस्तान की ओर से राजस्थान के कई शहरों में पाकिस्तान की ओर से उड़कर आए संदिग्ध बैलून ने हड़कंप मचा दिया था। हालांकि इन गुब्बारों में किसी प्रकार के कोई जासूसी से संबधित उपकरण नहीं लगे थे।