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ख्वाजा की देग के लिए लगी बोली, रकम जानकर रह जाएंगे हैरान
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 27 Mar 2017 02:26 PM IST
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अजमेर दरगाह में रखी देग।
अजमेर में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के 805वें उर्स का आगाज हो चुका हैं। इस बार यहां देग की नीलामी के लिए रिकॉर्ड बोली लगी है। पिछले साल की तुलना करीब 48 लाख रुपए ज्यादा में बोली छूटी है।
इस वर्ष देग की 25 दिन के लिए रिकॉर्ड नीलामी हुई हैं। जानकारी के अनुसार देग की नीलामी 3,91,92,786 में हुई है। जबकि पिछले वर्ष यह रकम 3.44 करोड़ रुपए थी। नीलामी की प्रक्रिया तीन दिन चली थी।
दरगाह प्रबंधन के अनुसार उर्स की औपचारिक शुरुआत 28 या 29 मार्च को चांद दिखने के बाद होगी। गौरतलब है कि दरगाह में दो देग है। यहां रखी बड़ी देग मुगल शासक अकबर ने दी थी। जबकि छोटी देग अकबर के बेटे जहांगीर ने थी।
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उर्स के दौरान इन देगों में मीठे पकवान बनाकर जायरीनों में बांटे जाते है। नीलामी की राशि दरगाह की अंजुमन कमेटी के पास जाती है। दरगाह पहुंचने वाले जायरीन इन देगों में दान भी करते है।
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इस वर्ष देग की 25 दिन के लिए रिकॉर्ड नीलामी हुई हैं। जानकारी के अनुसार देग की नीलामी 3,91,92,786 में हुई है। जबकि पिछले वर्ष यह रकम 3.44 करोड़ रुपए थी। नीलामी की प्रक्रिया तीन दिन चली थी।
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दरगाह प्रबंधन के अनुसार उर्स की औपचारिक शुरुआत 28 या 29 मार्च को चांद दिखने के बाद होगी। गौरतलब है कि दरगाह में दो देग है। यहां रखी बड़ी देग मुगल शासक अकबर ने दी थी। जबकि छोटी देग अकबर के बेटे जहांगीर ने थी।
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उर्स के दौरान इन देगों में मीठे पकवान बनाकर जायरीनों में बांटे जाते है। नीलामी की राशि दरगाह की अंजुमन कमेटी के पास जाती है। दरगाह पहुंचने वाले जायरीन इन देगों में दान भी करते है।