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किसानों ने जिस जमीन में ली जिंदा समाधि वहां अब 'कन्यादान'
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 31 Oct 2017 06:58 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : Amar Ujala
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जमीन अवाप्ति के विरोध में किसानों के समाधि सत्याग्रह पर आज कन्यादान भी होगा। देवउठनी एकादशी के मौके पर आज जयपुर में एक अनूठी शादी होगी। ये शादी किसी मैरिज हॉल या मंदिर में नहीं बल्कि किसानों की समाधि सत्याग्रह स्थल पर आयोजित होगी। वधू पक्ष के लोग कन्यादान भी समाधिस्थल पर ही करेंगे।
जयपुर में जेडीए की हाउसिंग स्कीम के लिए जमीन अवाप्ति का विरोध कर रहे नींदड़ के किसानों द्वारा पिछले 30 दिनों से जारी आंदोलन सरकार से लिखित आश्वासन नहीं मिलने की वजह से समाप्त नहीं हुआ। हालांकि सोमवार को सरकार के साथ उनकी सकारात्मक बातचीत हुई। इस गतिरोध के चलते अभी भी वहां किसान गढ्डों में बैठे हैं। ऐसे मे यहां समाधि लिए हुए एक किसान मनोज कुमावत को अपनी बेटी की शादी समाधि स्थल पर ही करने को मजबूर होना पड़ा।
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जयपुर में जेडीए की हाउसिंग स्कीम के लिए जमीन अवाप्ति का विरोध कर रहे नींदड़ के किसानों द्वारा पिछले 30 दिनों से जारी आंदोलन सरकार से लिखित आश्वासन नहीं मिलने की वजह से समाप्त नहीं हुआ। हालांकि सोमवार को सरकार के साथ उनकी सकारात्मक बातचीत हुई। इस गतिरोध के चलते अभी भी वहां किसान गढ्डों में बैठे हैं। ऐसे मे यहां समाधि लिए हुए एक किसान मनोज कुमावत को अपनी बेटी की शादी समाधि स्थल पर ही करने को मजबूर होना पड़ा।
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सरकार ने दिया था ये आश्वासन
फाइल फोटो
- फोटो : Amar Ujala
इससे पहले सोमवार को सचिवालय में यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी और नींदड़ बचाओ युवा किसान संघर्ष समिति के बीच वार्ता हुई। इसमें तय हुआ कि सरकार दोबारा से सर्वे करवाएगी तब तक किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं होगी। मगर दोनों पक्षों के बीच वार्ता के सफल रहने के बाद भी सरकार द्वारा लिखित में आश्वासन नहीं दिए जाने के बाद किसानों और सरकार के बीच बात आगे नहीं बढ़ सकी और किसानों ने आगे भी समाधि में रहने का फैसला लिया।
वार्ता में नींदड़ बचाओ युवा किसान संघर्ष समिति के संयोजक नगेंद्र सिंह शेखावत का कहना था कि सरकार के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है। नींदड़ आवासीय योजना मामला, संघर्ष समिति का जमीन समाधि सत्याग्रह जारी, लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही हटेंगे किसान।
वार्ता में नींदड़ बचाओ युवा किसान संघर्ष समिति के संयोजक नगेंद्र सिंह शेखावत का कहना था कि सरकार के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है। नींदड़ आवासीय योजना मामला, संघर्ष समिति का जमीन समाधि सत्याग्रह जारी, लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही हटेंगे किसान।